मोदी सरकार की मुद्रा योजना से छोटे उद्यमियों के आएंगे अच्छे दिन!

देश के छोटे व्यापारियों के काम को बढ़ावा देने और उन्हें सक्षम बनाने के लिए केंद्र की मोदी सरकार की ओर से लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। छोटे कारोबारियों के उद्योगों को बढ़ावा देने तथा बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने विशेष रूप से मुद्रा योजना का शुभारंभ किया है। मोदी सरकार की इस योजना को छोटे व्यापारियों के नजरिए से एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। मोदी सरकार की यह योजना अर्थव्यवस्था और आम जनता के लिए बेहद महत्वूपर्ण है क्योंकि सरकार की ओर से जो पैसा छोटे उद्यमियों को दिया जाएगा, उससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इस योजना का लक्ष्य भी छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर देश को मजबूत करने का है। जैसे-जैसे छोटे उद्योग आगे बढ़ेगे बड़े उद्योग का रूप ले ही लेंगे और इससे न केवल सम्बंधित व्यक्तियों का विकास होगा बल्कि देश की तरक्की को भी और रफ़्तार मिलेगी।

आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि केंद्र सरकार की इस मुद्रा बैंक योजना के जरिये 5 करोड़ 77 लाख छोटे कारोबारियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। सरकार ने छोटे उद्यमियों के बारे में स्पष्ट किया था कि छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और दूकानदार इस लोन का लाभ उठा सकेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि सब्जी वालों, सैलून, खोमचे वाले छोटे दुकानदारों को भी लोन देकर उनके कामों को प्रोत्साहन देने का उद्देश्य है। हर क्षेत्र का ध्यान रखकर एक खास तरह का खाका तैयार किया गया है ताकि किसी को लोन लेने के लिए परेशानियों का सामना ना करना पड़ें।

केंद्र सरकार की इस योजना के तरहत तीन तरह से लोगों को लोन दिए जाने की योजना है। पहला शिशु, किशोर और तरुण। शिशु योजना के तहत 50 हजार रुपये तक के लोन दिए जाएंगे। किशोर योजना के तहत 50 हजार रुपये से 5 लाख रुपये तक के लोन दिए जाएंगे। तरुण योजना के तहत 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक लोन दिए जाने की योजना बनाई गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में ऐसा महसूस होता है कि बहुत सी चीजें सिर्फ दृष्टिकोण के आसपास मंडराती रहती हैं, लेकिन अक्‍सर वास्‍तविकता बिल्‍कुल अलग होती है। बड़े उद्योगों द्वारा रोजगार के ज्‍यादा अवसर सृजित किए जाने संबंधी दृष्टिकोण का उदाहरण देते हुए उन्‍होंने कहा कि वास्‍तविकता पर नजर डालने से पता चलता है कि बड़े उद्योगों में सिर्फ 1 करोड़ 25 लाख लोगों को रोजगार मिलता है, जबकि देश के 12 करोड़ लोग छोटे उद्यमों में काम करते हैं।

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आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि केंद्र सरकार की इस मुद्रा बैंक योजना के जरिये 5 करोड़ 77 लाख छोटे कारोबारियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की जाएगी। सरकार ने छोटे उद्यमियों के बारे में स्पष्ट किया था कि छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और दूकानदार इस लोन का लाभ उठा सकेंगे। सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि सब्जी वालों, सैलून, खोमचे वाले छोटे दुकानदारों को भी लोन देकर उनके कामों को प्रोत्साहन देने का उद्देश्य है। हर क्षेत्र का ध्यान रखकर एक खास तरह का खाका तैयार किया गया है ताकि किसी को लोन लेने के लिए परेशानियों का सामना ना करना पड़ें।

अमनून देखने में आता है छोटे दुकानदार दुकान शुरू करने के लिए कर्ज तो लेते है, लेकिन कर्ज के ब्याज की अदायगी करने में वो अपना मुनाफा तो गवां बैठते ही है साथ ही कर्ज की मूल रकम अदा करने के लिए कई बार दूसरा कर्ज और दुकान तक को बेचने पर मजबूर हो जाते है। एक दिन ऐसा आता है कि दो जून की रोटी भी जुटा पाना उनके लिए मुहाल हो जाता है। यह योजना उन्हें ऐसा करने से बचाएगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि केंद्र सरकार की यह मुद्रा योजना छोटे उद्यमियों की तरफ वो दोस्ती का हाथ है, जो उन्हें एक नई ताकत और मजबूती देगा।

(ये लेखिका के निजी विचार हैं।)

 

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