इस सर्जिकल स्ट्राइक ने पाकिस्तान के साथ-साथ सबूत मांगने वालों की भी बोलती बंद कर दी है !

मोदी सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठने वाली सरकार नही है और ये सन्देश सरकार की इन कड़ी कार्रवाइयों के सरकार के निर्णयों के जरिये पूरे देश में स्वतः ही फ़ैल गया है। पिछली सर्जिकल स्ट्राइक के समय जिन्होंने उसके सबूत मांगे थे; इस बार विडियो के सामने आ जाने से उन विपक्षी दलों की भी बोलती बंद हो गयी है।

पिछले कुछ दिनों से देश की सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा फायरिंग और हमले की घटनाएं बढ़ती नज़र आ रही थीं। पाक की इन नापाक हरकतों से देश में फिर उड़ी हमले के बाद जैसा ही आक्रोश जमा होने लगा था। पिछले साल मोदी सरकार ने उड़ी हमले के जवाब में पकिस्तान पर जो सर्जिकल स्ट्राइक करवाई थी, उसकी वजह से लोगों की उम्मीद सरकार से काफी ज्यादा थी।

सभी को सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट 2 की जरूरत महसूस हो रही थी। इसी बीच पिछले बार की तरह ही बिना किसी शोर-गुल के सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट 2 को भी हमारे जवानों ने अंजाम दे दिया। हालांकि इस सर्जिकल स्ट्राइक का अंदाज़ पिछली बार की सर्जिकत स्ट्राइक से काफी अलग था।

सेना ने प्रेस कांफ्रेंस में यह बताया कि सेना ने सीमा पार नौशेरा सेक्टर में पकिस्तानी सेना के बंकर ध्वस्त किये। इस बार हमारे जवान पाकिस्तानी सीमा में घुसे बगैर ही यह कारनामा कर दिखाए हैं। पिछली बार की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सेना और सरकार से उसका सबूत मांगने वाले कुटिल विपक्षी नेताओं के लिए सेना ने इस सर्जिकल स्ट्राइक का वीडियो भी जारी किया है।

कुछ सेकंड के इस वीडियो में देखा जा सकता है कि हमारे जवानों ने कुछ सेकंड में दूर से ही पाकिस्तान की चौकियां ध्वस्त कर दी हैं। यह विडियो सामने आते ही लोगो ने बड़ी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लोग सरकार और सेना के इस कदम की भरपूर सराहना कर रहे हैं। संप्रग सरकार के दस सालों के ढीले और हर हमले पर केवल कड़ी निंदा करने वाले शासन को देखने के बाद पिछले तीन सालों से लोगों को देश में पाकिस्तान की नापकियों और आतंक के खिलाफ सरकार का ऐसा कठोर रुख देखने को मिल रहा है।

साभार : गूगल

कल जब रक्षामंत्री अरुण जेटली ने ट्विटर के जरिये ये सूचना दी कि सेना ने आतंक से निबटने के लिए कुछ कड़े कदम उठाये है, तो देश में गौरव की एक लहर दौड़ गयी। मोदी सरकार हाथ पर हाथ रखकर बैठने वाली सरकार नही है और ये सन्देश सरकार की इन कड़ी कार्रवाइयों के निर्णयों के जरिये पूरे देश में स्वतः ही फ़ैल गया है।

पिछली बार जिन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगे थे; इस बार विडियो के सामने आ जाने से उनकी भी बोलती बंद हो गयी है। वही विपक्षी जो पिछली सर्जिकत स्ट्राइक के समय सेना पर छिछले आरोप लगते हुए देश की सुरक्षा जैसे गंभीर मसले का राजनीतिकरण करने में लगे थे, अब वीडियो सामने आ जाने से चुप हैं।

सरकार के इस कदम को सबसे ज्यादा देश की जनता ने सराहा है और यही इस बात का परिणाम है कि देश की जनता का मोदी सरकार पर और सेना पर पिछले 3 सालों में भरोसा दुगना हुआ है। सेना से जुड़े मसलों पर पूरा देश सरकार के साथ खड़ा होता है। यह कोई छोटी बात नही है। बहरहाल, इस सर्जिकल स्ट्राइक भाग दो से एकबार फिर सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वो देश की सरहदों की सुरक्षा के प्रति बेहद गंभीर है। अब यहाँ कड़ी निंदा नहीं, ईंट का जवाब पत्थर से देने वाली सरकार है।

(लेखिका पत्रकारिता की छात्रा हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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