कांग्रेस की राजनीति का असली चाल-चरित्र बयान करता है कमलनाथ का वायरल वीडियो

कमलनाथ ने ऐसा सच बोल दिया है जिसे कांग्रेस न तो उगल सकती है, न ही निगल सकती है। कमलनाथ कांग्रेस परिवार के पुराने राज़दार हैं। संजय, इंदिरा गांधी से होते हुए यह दोस्ती राहुल गांधी से भी खूब निभ रही है। अतः उन्होंने जो कुछ वायरल वीडियो में कहा है, उससे कांग्रेस ऊपरी तौर पर इत्तफाक रखे या न रखे, लेकिन हो न हो उन्होंने वही बोला है, जिसमें एक कांग्रेसी के रूप में वे वाकई में यकीन रखते होंगे।

जो बात दिल में थी, वह जुबां पर आ गई। अब उस सच के ऊपर पर्दा नहीं डाला जा सकता। कांग्रेस का झूठ पकड़ा गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ ने दिल की बात कहकर न सिर्फ अपने लिए बल्कि अपनी पार्टी के लिए बहुत बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी है।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कमलनाथ बार-बार दोहरा रहे हैं कि कांग्रेस को जिताने के लिए मुसलमानों के वोट चाहिए। कमलनाथ कह रहे हैं कि अगर 90 फीसदी मुसलमानों के वोट कांग्रेस को नहीं मिले तो उसके लिए मुश्किल हो सकती है। मध्यप्रदेश ही नहीं, पूरे देश भर में अब इस पर चर्चा हो रही है कि क्या वाकई कांग्रेस का यही चेहरा, चाल और चरित्र है?

कमलनाथ (साभार : इंडिया टुडे)

यह बात कमलनाथ बहुत ही होशो-हवाश के साथ कह रहे हैं। अपने कार्यकर्ताओं के समक्ष कमलनाथ ने अपने दिल की बात खोलकर रख दी है। लिहाजा अब यह बात बियावान में आग की तरह फ़ैल चुकी है कि ऊपर-ऊपर धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाली कांग्रेस किस तरह से मजहबी तुष्टिकरण की सियासत कर रही है और मुस्लिम मतदाताओं को फुसला रही है। वायरल वीडियो की एक-एक पंक्तियों का बारीकी से विश्लेषण हो रहा है।

मजबूरी में अब कांग्रेस को एक चिट्ठी जारी करनी पड़ी है कि कांग्रेस के नेता अलग से लोगों से बात न करें, मीडिया से अलग से संवाद न करें। पर कांग्रेस कुछ भी करे, अब यह तो स्पष्ट हो ही रहा है कि अपने वोट बैंक के लिए समाज को बाँट कर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की कोशिश कौन कर रहा है।

गौर करें तो कांग्रेस मौका देखकर अपना चेहरा बदलने की कोशिश करती है। अगर आपको कर्नाटक और गुजरात के चुनाव याद हों तो वहां कांग्रेस की तरफ से हिन्दू कार्ड खेलने की भरसक कोशिश की गयी। कर्नाटक में तो कांग्रेस ने लिंगायत को एक बड़ा मुद्दा बना लिया था, लेकिन फिर भी कांग्रेस की अपने बूते पर सरकार नहीं बनी। गुजरात में राहुल गांधी खुद मंदिर-मंदिर दौड़ लगाकर हिन्दू धर्म के सबसे बड़े पैरोकार बनने में लगे थे, लेकिन कांग्रेस को समझना चाहिए कि देश की जनता परिपक्व हो चुकी है। जनता सही-गलत और असली-नकली का भेद समझने में अब गलती नहीं करती।

कांग्रेस के सामने सबसे बड़ा पशोपेश यह है कि वह तय नहीं पा रही है कि वह सभी जातियों और धर्मों की पार्टी है या एक विशेष समुदाय की पार्टी है। आपको याद होगा होगा कि कांग्रेस के अन्दर कुछ साल पहले बहुत ही विशद विश्लेषण हो रहा था कि कांग्रेस के छवि एक हिन्दू विरोधी पार्टी की बन चुकी है, जिसको बदलने की कोशिश राहुल ने मंदिर-मंदिर जाकर की, लेकिन बहुत बार अपने बयानों और व्यवहार से राहुल गांधी ने खुद को और पार्टी को कटघरे में भी खड़ा कर दिया।

अब कमलनाथ ने ऐसा सच बोल दिया है जिसे कांग्रेस न तो उगल सकती है, न निगल सकती है। कमलनाथ कांग्रेस परिवार के पुराने राज़दार हैं। संजय, इंदिरा गांधी से होते हुए यह दोस्ती राहुल गांधी से भी खूब निभ रही है। अतः उन्होंने जो कुछ वायरल वीडियो में कहा है, उससे कांग्रेस ऊपरी तौर पर इत्तफाक रखे या न रखे, लेकिन उन्होंने वही कुछ बोला है, जिसमें एक कांग्रेसी के रूप में वह वाकई में यकीन रखते होंगे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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