बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में अव्वल मोदी सरकार

बिजली, स्वच्छता और सड़क ये बेहद जरूरी बुनियादी सुविधायें हैं और मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में इन मोर्चों पर उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसे खारिज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मोदी सरकार द्वारा किये गये कार्य आंकड़ों के आईने में साफ-साफ नज़र आ रहे हैं।

विपक्ष भले ही दावा कर रहा हो कि मोदी सरकार जुमलों वाली सरकार है, जो केवल वादे करती है, लेकिन उपलब्ध आंकड़ों के विश्लेषण से विपक्ष के दावों की पोल खुल जाती है। वैसे तो मोदी सरकार ने अनेक क्षेत्रों में बहुत ही बढ़िया काम किया है, लेकिन तीन प्रमुख बुनियादी क्षेत्रों विद्युतीकरण, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण व सड़क के क्षेत्र में मोदी सरकार द्वारा किये गये कार्य विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।

विद्युतीकरण

प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना, जिसे सौभाग्य के नाम से भी जाना जाता है का आगाज सितंबर, 2017 में किया गया था, जिसका लक्ष्य 31 मार्च, 2019 तक देश के सभी घरों में बिजली पहुंचाना है। इसके तहत अब तक 2.39 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाया जा चुका है। तालिका में 11 अक्टूबर, 2017 तक विद्युतीकरण की जानकारी दी गई है।

तालिका – 1

देश में वर्ष 2018 के अंत में 25 राज्यों के घरों में 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब, केवल 10.48 लाख घरों को 4 राज्यों अर्थात असम, राजस्थान, मेघालय और छत्तीसगढ़ में विद्युतीकृत किया जाना बाकी है। ये राज्य घरेलू स्तर पर, जल्द से जल्द, इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये गंभीरता पूर्वक प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें मालूम है, इस उपलब्धि को हासिल करने से उन्हें सीधे तौर पर लाभ होंगे।

स्वच्छ भारत मिशनग्रामीण

स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण का आगाज 2 अक्टूबर, 2014 को गांधी जयंती के दिन किया गया था। उस समय खुले में शौच से मुक्त घरों की संख्या केवल 38.70 प्रतिशत थी, जो 31 जनवरी, 2019 तक बढ़कर 98.84 प्रतिशत हो गई। अब केवल 1.16 प्रतिशत घरों को ही खुले में शौच से मुक्त कराने की जरूरत है।

2 अक्टूबर, 2014 के बाद से 9,20,65,608 घरों में शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। इसी अवधि में 5,50,038 गाँवों को खुले में शौच से मुक्त कराया गया है, वहीं 4,465 गाँवों को नमामि गंगे के तहत खुले में शौच से मुक्त कराया गया है। देश के 2,46,016 ग्राम पंचायतों ने खुद से अपने को खुले में शौच से मुक्त होने की घोषणा की है। वित्त वर्ष 2018-19 में 2,18,31,118 शौचालयों का निर्माण कराया गया है। अब तक 601 जिला और 28 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को खुले में शौच से मुक्त कराया जा चुका है। 

तालिका – 2

सड़क निर्माण

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 फरवरी, 2019 तक 1,70,213 सड़क निर्माण के कार्यों में से 1,45,787 सड़क निर्माण के कार्यों को पूरा कर लिया गया था। इसमें से 1,02,986 नये सड़क निर्माण कार्यों को पूरा किया गया है। पुराने और नये को मिलाकर कुल 5,76,012 किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। सड़क निर्माण के स्वीकृत कार्य और पूरे हो चुके कार्य को देखा जाये तो 85.65 प्रतिशत सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। इसतरह, अब 14.5 प्रतिशत सड़क निर्माण के कार्य को पूरा किया जाना बाकी है। किस वित्त वर्ष में कितने किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य पूरा हुआ को तालिका-2 से समझा जा सकता है।

तालिका के आंकड़ों को देखने से साफ हो जाता है कि मोदी सरकार के कार्यकाल में सड़क निर्माण के कार्य में काफी तेजी आई है। सड़क को सबसे अहम बुनियादी सुविधा माना गया है। निकटतम शहर से जुडने से ही किसान अपनी फसलों और अन्य खाद्य पदार्थों को समय पर बेचकर उनकी सही कीमत हासिल कर सकता है।  

कहा जा सकता है कि बिजली, स्वच्छता और सड़क ये बेहद जरूरी बुनियादी सुविधायें हैं और मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में इन मोर्चों पर उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसे खारिज नहीं किया जा सकता है, क्योंकि मोदी सरकार द्वारा किये गये कार्य आंकड़ों के आईने में साफ-साफ नज़र आ रहे हैं।

(लेखक भारतीय स्टेट बैंक के कॉरपोरेट केंद्र मुंबई के आर्थिक अनुसंधान विभाग में कार्यरत हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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