वृक्षारोपण महाकुम्भ : पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगी सरकार का बड़ा कदम

इस अभियान के तहत वन एवं वन्यजीव छह करोड़ तिरपन लाख,  राजस्व विभाग एक करोड़, पंचायती राज एक करोड़, उद्यान विभाग एक करोड़, शिक्षा विभाग छियानबे लाख, कृषि विभाग बत्तीस लाख, नगर विकास विभाग तीस लाख, लोक निर्माण विभाग बीस लाख, सिंचाई विभाग बारह लाख, स्वास्थ्य विभाग आठ लाख, उद्योग विभाग छह लाख, पशुपालन विभाग पांच  लाख, आवास विकास पांच लाख, रेल विभाग पांच  लाख, पुलिस विभाग पांच लाख, औद्योगिक विकास विभाग चार लाख, रेशम और सहकारिता विभाग आठ लाख, विद्युत और रक्षा विभाग सात लाख, श्रम और परिवहन विभाग चार लाख और ग्राम्य विकास विभाग सबसे ज्यादा यानी दस करोड़ पौधे लगायेगा।

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष अगस्त क्रांति समारोह में पर्यावरण का एक इतिहास गढ़ा जाएगा। पंद्रह अगस्त को यूपी में बाईस करोड़ वृक्ष लगाने का रिकॉर्ड बनेगा। यह पर्यावरण का महाकुंभ होगा। प्रदेश के प्रत्येक जनपद में वृक्षारोपण महाकुम्भ के समन्वय के लिए एक एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। कासगंज में वृक्षारोपण का शुभारम्भ राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल करेंगी। यहां एक स्थान पर एक घण्टे के अन्दर पचास हजार से अधिक वृक्ष लगाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रयागराज  के परेड ग्राउण्ड पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां पचास हजार से अधिक लोगों को निःशुल्क पौध वितरण किया जाएगा। प्रदेश में प्रातः नौ  से दस बजे के बीच अधिकतम वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है। वृक्षारोपण महाकुम्भ को अभियान के रूप में चलाए जाने की कोशिश है। इसमें किसानों, नौजवानों, व्यापारियों, स्वयंसेवी संगठनों, जन प्रतिनिधियों, स्थानीय निवासियों, राजकीय विभागों व सामाजिक संस्थाओं को सहभागी बनाया जाएगा।

योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि वृक्षारोपण अभियान पर्यावरण एवं जल संरक्षण के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इसके अलावा प्रदेश में सौ वर्ष से अधिक आयु के वृक्षों को चिन्हित कर उन्हें ‘हेरिटेज ट्री’ के रूप में संरक्षित भी किया जाएगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थी किसानों को दस पौधे दिए जाएंगे। 

लक्ष्यों के आवंटन के अनुसार कार्यों का अनुश्रवण भी सुनिश्चित किया जाएगा। वृक्षारोपण महाकुम्भ के सम्बन्ध में व्यापक जनजागरूकता और जनसहभागिता सुनिश्चित किए जाने के लिए मीडिया प्लान पर भी काम किया जा रहा है। वृहद् प्रचार प्रसार के लिए प्रिण्ट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सोशल मीडिया तथा अन्य विभागों के बीच  समन्वय एवं सहयोग किया गया है।

नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण और तालाब खुदवाए जाएंगे। सड़कों के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण अभियान की व्यापक कार्य योजना बनाई गई है। इस अभियान में पीपल, नीम, इमली, जामुन, अर्जुन, पाकड़, सागौन, शीशम, बरगद आदि प्रजातियों के वृक्षों को प्रमुखता दी जाएगी। जो पौधे लगाए जाएंगे, उनकी पूरी देखभाल और सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

वन विभाग पौध आपूर्ति के नोडल विभाग और तकनीकी मार्गदर्शक के रूप में कार्य कर रहा है। विभागवार रोपित किए जाने वाले पौधों का लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। लक्ष्यों के अनुसार गड्ढे खोदे जा रहे हैं, इनकी प्रगति सन्तोषजनक है। वन विभाग द्वारा रोपित किए जाने वाले पौधों का लक्ष्य छह करोड़ तिरपन लाख है। इसके लिए चयनित स्थलों की संख्या सात हजार पांच सौ तिहत्तर है। अब तक पांच करोड़ अट्ठावन लाख सत्ताईस हजार से अधिक गड्ढे खोदे जा चुके हैं।

इसी प्रकार, अन्य विभागों द्वारा रोपित किए जाने वाले पौधों का लक्ष्य पन्द्रह करोड़ सैंतालीस लाख है।  इसके लिए चयनित स्थलों की संख्या करीब चौदह लाख है। अब तक पन्द्रह करोड़ गड्ढे खोदे जा चुके हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अन्तर्गत एक करोड़ इक्यावन लाख किसान वृक्षारोपण महाकुम्भ में शामिल होंगे।

इसी प्रकार, समस्त जनपदों में गांधी उपवन की स्थापना की जा रही है। सभी जनपदों में गांधी उपवन हेतु स्थल चयनित किए जा चुके हैं, जिसमें पांच से दस हजार पौधों का रोपण किया जाएगा। बाईस करोड़ पौधरोपण के सम्बन्ध में प्रगति की सूचना प्रत्येक घण्टे पर मुख्यालय कमाण्ड सेण्टर को दी जाएगी।

वृक्षारोपण के बाद थर्ड पार्टी द्वारा अनुश्रवण एवं मूल्यांकन का कार्य  इसी एक सितम्बर से प्रारम्भ होगा। वृक्षारोपण स्थलों की जियो टैगिंग और विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे वृक्षारोपण का सत्यापन भी सुनिश्चित किया जाएगा। बाईस करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सभी जोन के लिए पौधों का बंटवारा कर दिया गया है।

इस महाभियान के लिए हर गांव में वृक्ष अभिभावक बना दिए गए हैं। वृक्ष अभिभावक पौधे लगाए जाने से लेकर उनकी देखरेख तक की जिम्मेदारी उठाएंगे। ग्राम प्रधानों को भी इसके लिए जवाबदेह बनाया गया है। राज्य सरकार के तेईस विभाग इस महाभियान का हिस्सा होंगे, जिसकी नोडल एजेंसी वन विभाग होगी।

अभियान के तहत वन एवं वन्यजीव छह करोड़ तिरपन लाख,  राजस्व विभाग एक करोड़, पंचायती राज एक करोड़, उद्यान विभाग एक करोड़, शिक्षा विभाग छियानबे लाख, कृषि विभाग बत्तीस लाख, नगर विकास विभाग तीस लाख, लोक निर्माण विभाग बीस लाख, सिंचाई विभाग बारह लाख, स्वास्थ्य विभाग आठ लाख, उद्योग विभाग छह लाख, पशुपालन विभाग पांच  लाख, आवास विकास पांच लाख, रेल विभाग पांच  लाख, पुलिस विभाग पांच लाख, औद्योगिक विकास विभाग चार लाख, रेशम और सहकारिता विभाग आठ लाख, विद्युत और रक्षा विभाग सात लाख, श्रम और परिवहन विभाग चार लाख और ग्राम्य विकास विभाग सबसे ज्यादा यानी दस करोड़ पौधे लगायेगा।

यही नहीं इस बार पौधरोपण कार्यक्रम में सरकारी विभाग आंकड़ेबाजी नहीं कर पाएंगे। हर पौधे की जियो टैगिंग की जाएगी। जाहिर है कि योगी आदित्यनाथ प्रयागराज कुंभ की भांति पर्यावरण कुंभ को भी ऐतिहासिक बनाने की दिशा में गम्भीर प्रयास कर रहे हैं।

(लेखक हिन्दू पीजी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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