यूपी : कानून व्यवस्था में सुधार से बना निवेश का माहौल

वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। इस माहौल में उद्यमी पूंजी निवेश के लिए उत्सुक हैं। पहले सुरक्षा की भावना का अभाव था। इसलिए निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश से हिचकते थे। कई कम्पनियां अपने व्यापार को प्रदेश में जारी रखने के पक्ष में नहीं थीं। वातावरण निवेश के अनुकूल नहीं था, किन्तु कानून व्यवस्था और सुरक्षा की भावना मजबूत होते ही इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के  निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन का शुभारम्भ हो चुका है।

पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दो पुलिस प्रशिक्षण केंद्रों का उद्घाटन किया। निकट भविष्य में ऐसे कुछ अन्य केंद्रों के उद्घाटन की भी संभावना है। इन प्रयासों से सुरक्षा की व्यवस्था को प्रभावी और हाईटेक बनाया जा रहा है। इसी क्रम में योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश पुलिस मुख्यालय का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पुलिस बल में व्यावसायिक दक्षता होनी चाहिए। सरकार आधुनिक तकनीक को प्रोत्साहन दे रही है। इससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण यह है कि वह अपने आचरण से आमजन की अपेक्षाओं और विश्वास को बनाये रखें। उन्हें सकारात्मक सोच के साथ चुनौतियों से निपटने की भी तैयारी रखनी होगी।

पुलिस मुख्यालय के लोकार्पण के अवसर पर महानिदेशक ओपी सिंह ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। उन्होंने पुलिस मुख्यालय भवन की खूबियों और विशिष्टताओं के बारे में जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि पुलिस के विभिन्न विभागों में बेहतर सामंजस्य त्वरित गति से परस्पर सूचनाओं का आदान प्रदान होगा। जनसमस्याओं के निराकरण में सुविधा होगी। यह भवन दो वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। इस पुलिस मुख्यालय भवन के निर्माण से पुलिस विभाग की एक बड़ी आवश्यकता पूरी हुई है।

देखा जाए तो वर्तमान सरकार के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। इस माहौल में उद्यमी पूंजी निवेश के लिए उत्सुक हैं। पहले सुरक्षा की भावना का अभाव था। इसलिए निवेशक उत्तर प्रदेश में निवेश से हिचकते थे। कई कम्पनियां अपने व्यापार को प्रदेश में जारी रखने के पक्ष में नहीं थीं।

वातावरण निवेश के अनुकूल नहीं था, किन्तु कानून व्यवस्था और सुरक्षा की भावना मजबूत होते ही इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के  निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन का शुभारम्भ हो चुका है। प्रयागराज कुम्भ का अभूतपूर्व आयोजन हुआ जिसमें सुरक्षा, सुव्यवस्था और स्वच्छता के नये मानक स्थापित हुए।

साथ ही, राज्य सरकार पुलिस में सराहनीय कार्य करने वालों का मनोबल बढ़ाने के प्रति गम्भीर दिखती है। पुलिस मेडल की संख्या दो सौ से बढ़ाकर नौ सौ पचास कर दी गयी है। पुलिस बजट इस वर्ष अठारह हजार करोड़ से बढ़ाकर साढ़े चौबीस हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है।

साथ ही, वर्तमान सरकार के कार्यकाल में एटीएस और एसटीएफ का भी सुदृढ़ीकरण किया गया है। इसके अलावा पहले आपदा राहत व नियंत्रण के लिए सिर्फ एनडीआरएफ पर निर्भरता होती थी, किन्तु आज एसडीआरएफ की तीन कम्पनियां इस कार्य में लगाई गई हैं। इनके बेहतर परिणाम मिल रहे हैं। इससे सरकार की संवेदनशीलता का भी अनुमान लगाया जा सकता है।

जाहिर है, योगी सरकार ने राज्य क़ानून और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं, जिनके परिणामस्वरूप राज्य के अपराधियों में तो खौफ कायम हुआ ही है, भयमुक्त वातावरण के मद्देनजर राज्य की तरफ निवेशकों का रुझान भी हो रहा है। उत्तर प्रदेश के विकास के लिए यह अत्यंत शुभ संकेत हैं।

(लेखक हिन्दू पीजी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। ये उनके निजी विचार हैं।)

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