योगी राज में लोककल्याण और विकास के पथ अग्रसर उत्तर प्रदेश

वास्तव में अब उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों का नजरिया बदल गया है। प्रभावी कानून व्यवस्था के कारण अब निवेशक इस प्रदेश में निवेश को आगे आ रहे। उत्तर प्रदेश को विस्तृत भूमि प्रबन्धन प्रणाली के लिए भारत सरकार का इस वर्ष का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किया गया है। राज्य में योगी सरकार के शासन में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया। वंचित वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और उनका जीवन बेहतर हो रहा है।

संसदीय व्यवस्था के अनुसार प्रदेश में निर्वाचित सरकार के संवैधानिक मुखिया राज्यपाल होते हैं। इस संवैधानिक उत्तरदायित्त्व के अनुरूप उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल ने मंत्रिमंडल के सदस्यों से राजभवन में शिष्टाचार भेंट की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार पिछले लगभग ढाई वर्षों से बेहतरीन कार्य कर रही है। राज्य प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर है। इतने कम समय में प्रदेश में बड़े पैमाने पर विकास योजनाओं को लागू किया गया है एवं जनहितकारी कार्य किए गए हैं, जिनका लाभ प्रदेश की जनता को मिला है। उन्होंने मुख्यमंत्री के कुशल नेतृत्व की प्रशंसा की।

आशा व्यक्त की कि उत्तर प्रदेश शीघ्र ही देश का अग्रणी राज्य होगा। इस अवसर पर कॉफी टेबल बुक ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर: प्रयागराज कुम्भ-2019’ का विमोचन किया गया। यह पुस्तक राज्य के सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग द्वारा प्रकाशित की गई है। आयोजन के दौरान उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा पर केन्द्रित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

वास्तव में अब उत्तर प्रदेश के प्रति लोगों का नजरिया बदल गया है। प्रभावी कानून व्यवस्था के कारण अब निवेशक इस प्रदेश में निवेश को आगे आ रहे। उत्तर प्रदेश को विस्तृत भूमि प्रबन्धन प्रणाली के लिए भारत सरकार का इस वर्ष का राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस स्वर्ण पुरस्कार प्रदान किया गया है। राज्य में योगी सरकार के शासन में विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू किया गया। वंचित वर्ग तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है और उनका जीवन बेहतर हो रहा है।

पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी द्वारा पारित आदेशों की अवहेलना करने का चलन आम हो गया था, परन्तु वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया। अवैध बूचड़खाने बन्द किए गए। महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता में लेते हुए इसपर ध्यान दिया गया। सत्ता में आने के उपरान्त राज्य सरकार द्वारा एण्टी रोमियो स्क्वायड का गठन कर बालिकाओं, महिलाओं को सुरक्षित वातावरण देने की पहल की गई। पिछली सरकार में किसान उपेक्षित थे। सत्ता में आने के उपरान्त राज्य सरकार ने छियासी लाख लघु एवं सीमान्त किसानों के फसली ऋण माफ किए।

इस योजना का लाभ लक्षित लाभार्थी को ही मिले, इसके लिए तकनीक का प्रयोग किया गया। कैम्प लगाकर फसली ऋण माफ करने के लिए कार्य किया गया। तिहत्तर हजार करोड़ रुपए के गन्ना बकाए का भुगतान किया जा चुका है। बंद पड़ी कई चीनी मिलों को पुन चालू करवाया गया है। वर्तमान में पूरे प्रदेश में 121 चीनी मिलें संचालित हैं।

राज्य में बीस कृषि विज्ञान केन्द्रों की स्थापना की गई है। वर्तमान राज्य सरकार द्वारा लम्बे समय से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया गया है, जिनमें बाणसागर, पहुंज बांध, पथरई बांध, पहाड़ी बांध, लहचूरा बांध, गुण्टा बांध रेस्टोरेशन, मौदहा बांध पुनस्र्थापना तथा जमरार बांध परियोजनाएं शामिल हैं। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया गया है।

जिला मुख्यालयों पर चौबीस, तहसीलों में बीस तथा गांवों में अठारह से बीस घण्टे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। आठ लाख स्ट्रीट लाइटों को ऊर्जा दक्ष एलईडी लाइटों से बदला गया है। इससे दो सौ अस्सी मिलियन यूनिट बिजली तथा तीन सौ करोड़ रुपये प्रति वर्ष के राजस्व की बचत हो रही है। निराश्रित गोवंश को संरक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से राज्य में गौशालाएं स्थापित की गई हैं। ग्रामीणों और किसानों के लिए निराश्रित गोवंश रखने पर नौ सौ रुपए प्रतिमाह प्रति गोवंश की सहायता भी प्रदान की जा रही है।

गरीब कल्याण योजनाओं का लाभ जरुरतमन्दों को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा अभियान चलाकर विभिन्न पेंशन योजनाओं, जिनमें वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, दिव्यांगजनों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। दिव्यांगजन व वृद्धावस्था पेंशन राशि को बढ़ाया गया है। निराश्रित महिला पेंशन की पात्रता हेतु आयु सीमा समाप्त कर दी गई है। ई पास मशीनों के माध्यम से राशन कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जा है। इसके प्रयोग से राज्य सरकार को छह सौ सत्तावन करोड़ रुपये की बचत हुई है। अपात्रों के इस सुविधा से वंचित हो जाने से खाद्यान्न की भी बचत हुई है, जिससे सभी पात्र लाभार्थियों को राशन उपलब्ध कराना सम्भव हो सका है।

अब प्रदेश के समस्त नगरीय क्षेत्रों में पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राशन दुकान चुनने का अधिकार सभी राशन कार्डधारकों को प्राप्त हो गया है। आगामी अक्टूबर माह से पोर्टेबिलिटी को ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू करने की योजना है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने में उत्तर प्रदेश, देश में प्रथम स्थान पर है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में  बारह लाख इक्यासी  हजार आवास स्वीकृत किए गए हैं।

इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री आवास योजना संचालित की जा रही है। इसके माध्यम से पात्रता के बावजूद किन्हीं कारणों से प्रधानमंत्री आवास योजना में आवास प्राप्त करने से छूट गए गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री आवास योजना के माध्यम से भी पचास हजार गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में भी प्रदेश को देश में प्रथम स्थान प्राप्त है। इस योजना के तहत बारह लाख से अधिक परिवारों के लिए  आवास स्वीकृत किए गए हैं।

पिछले लगभग ढाई वर्षों के दौरान प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में शौचालय निर्मित कराए गए हैं। आयुष्मान भारत  के अन्तर्गत गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये के चिकित्सा बीमा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के अन्तर्गत राज्य के एक करोड़ अठारह लाख परिवार पात्र हैं। आयुष्मान भारत योजना की पात्रता के बावजूद इससे वंचित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना संचालित की गई है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के तहत समुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संचालित करने का निर्णय लिया है।

शिक्षा की गुणवत्ता पर भी सरकार ने ध्यान केन्द्रित किया है। उच्च शिक्षा में सत्रों को नियमित करने का कार्य किया गया है। अवस्थापना सुविधाओं के विकास को महत्व दिया गया है। नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित हुई है। प्रदेश में अड़तालीस नये राजकीय महाविद्यालयों तथा सहारनपुर एवं आजमगढ़ में दो नये राज्य विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनीफाॅर्म वितरण, पाठ्य पुस्तक वितरण, जूता मोजा एवं स्वेटर आदि का वितरण किया जा रहा है।

तीन सौ इकतालीस  किमी लम्बाई वाले लखनऊ से गाजीपुर छह लेन ग्रीन फील्ड पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के निर्माण का कार्य तेजी से गतिमान है। अगस्त 2020 तक इसके मुख्य मार्ग को आवागमन के लिए खोल देने की योजना है। प्रदेश में पहले केवल तीन एयरपोर्ट लखनऊ, वाराणसी और गोरखपुर संचालित थे। कानपुर, आगरा और प्रयागराज हवाई अड्डों के कार्यशील होने के पश्चात वर्तमान में छह  एयरपोर्ट कार्यशील हैं। प्रदेश में मेट्रो रेल सेवा से तीन  शहर जुड़ चुके हैं, जबकि अन्य नगरों में इस सेवा के सम्बन्ध में कार्य चल रहा है।

बुन्देलखण्ड क्षेत्र में डिफेंस इण्डस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग काॅरीडोर की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में चार लाख अड़सठ हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इस वर्ष अठ्ठाइस  जुलाई को पैसठ हजार करोड़ रुपये की दो सौ पचास से अधिक निवेश परियोजनाओं का केन्द्रीय गृह मंत्री द्वारा शिलान्यास किया गया है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में इस सरकार ने दिमागी बुखार के उन्मूलन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य किया है। इसके लिए पूरे प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचालित किया गया तथा गोरखपुर और बस्ती मण्डलों के जनपदों सहित प्रदेश के अठारह जनपदों में दस्तक अभियान चलाया गया। इन बीमारियों पर नियंत्रण लगा। नए मेडिकल काॅलेजों और स्पेशियलिटी हॉस्पिटलों की स्थापना की जा रही है। 

वृक्षारोपण महाकुम्भ के दौरान राज्य में बाइस करोड़ से ज्यादा   पौधे रोपित करने का रिकॉर्ड स्थापित किया गया। एक जनपद, एक उत्पाद योजना लागू की गई है। राज्य सरकार द्वारा विगत दो वर्ष से दीपावली के अवसर पर अयोध्या में सरयू जी के तट पर ‘दीपोत्सव’ तथा गत वर्ष होली के अवसर पर ब्रज धाम के बरसाना में ‘रंगोत्सव’ का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इन सब बातों से स्पष्ट है कि योगी आदित्यनाथ विकास और लोककल्याण को लेकर राज्य में बड़ी लकीर खींचने का प्रयास कर रहे हैं।

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