अभय सिंह

गठबंधन के लिए कांग्रेस के आगे घुटने क्यों टेक दिए हैं केजरीवाल?

राजनीति बदलने का दावा कर सत्ता तक का सफर तय करने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल राजनीति को तो नहीं बदल पाए, लेकिन खुद जरूर बदल गए हैं। आज केजरीवाल अपनी कही हर बात से पलटते हुए नज़र आ रहें है। हैरत इस बात की भी है कि जो केजरीवाल कभी किसी दल से  गठबंधन नहीं करने की कसमें खाते थे, आज कांग्रेस के समक्ष घुटने टेक दिए हैं

पुलवामा का प्रतिशोध: ‘ये मोदी का न्यू इंडिया है जो घर में घुसेगा भी और मारेगा भी’

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को आश्वस्त किया था कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने 12 दिन के बाद ही पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर कड़ी कार्यवाई करते हुए नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर उनके नकारात्मक मंसूबों पर विराम लगा दिया।

कैग रिपोर्ट के बाद भी राफेल-राफेल कर रहे राहुल गांधी और कितनी फजीहत कराके चुप होंगे?

कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी निरंतर इस कोशिश में लगे रहते हैं कि किस तरह राफेल को बोफोर्से जैसा घोटाला साबित किया जाए। वे लम्बे समय से राफेल पर कैग रिपोर्ट पेश करने की बात कह रहे थे, जो कि आखिर संसद में पेश हो गयी है, जिसमें स्पष्ट है कि यूपीए सरकार के मुक़ाबले मोदी सरकार की राफेल डील 2.86 प्रतिशत सस्ती है। साथ ही वर्तमान सरकार के राफेल समझौते में विमानों की डिलीवरी देश को 5 महीने पहले ही हो जाएगी।

माल्या प्रत्यर्पण: ‘जिन्होंने देश का लूटा है, उन्हें लौटना पड़ेगा’ पर खरी साबित होती मोदी सरकार

भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार की नीति पहले दिन से स्पष्ट रही है। चाहे वह कालेधन पर एसआईटी का गठन करना हो, स्विस सरकार से विदेशों में कालेधन की जानकारी के संबंध में संधि करना हो या अगस्ता वेस्टलैंड में मिशेल की गिरफ्तारी हो। चौकीदार ने हमेशा अपनी ईमानदार सोच का प्रमाण दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि देश के गरीबों का पैसा लूटने वाले

तमिलनाडु के विकास में जुटी मोदी सरकार

दक्षिण की सियासत पर नजर डालें तो सबसे पहले राजनीतिक मानचित्र पर तमिलनाडु का चित्र उभरकर आता है। यहाँ की राजनीति की ख़ासियत है कि अधिकतर समय यहाँ सिनेमा से सियासत में आए लोग ही सत्ता में रहें हैं। लेकिन जयललिता की मृत्यु के पश्चात् सियासी घमासान से राज्य का विकास बाधित हुआ है।

चार सालों में सुशासन और विकास के हर मोर्चे पर कांग्रेस से बेहतर साबित हुई है मोदी सरकार !

2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपानीत राजग की सरकार सत्ता में आई। आजादी के इतने वर्षों बाद पहली बार गैर-कांग्रेसी सरकार को अकेले दम पर बहुमत मिला। नरेन्द्र मोदी के करिश्माई चेहरे के आगे विपक्ष ढेर हो गया। जनता ने मोदी को दिल खोलकर अपना समर्थन दिया। इसका मुख्य कारण था कांग्रेसनीत संप्रग सरकार की कुनीतियाँ। कांग्रेस के कार्यकाल में भ्रष्टाचार

राफेल पर कांग्रेस के झूठ की खुल रही पोल!

अगले वर्ष आम चुनाव होने हैं और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस वर्तमान में इस स्थिति में नहीं है कि वह चुनावों में जनता के भरोसे पर खरी उतर सके। सत्ता में विफल रहने के बाद पिछले साढ़े चार सालों में विपक्ष के रूप में भी कांग्रेस की भूमिका बेअसर रही है। वाजिब मुद्दों के अभाव में कांग्रेस फिजूल के मुद्दों की हवा बनाने में लगी है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी समेत पूरी पार्टी ने

जीसैट-29 : दुश्मन देशों के समुद्री जहाजों पर अब आसमान से नजर रखेगा भारत

अभी पिछले साल की ही बात है जब एक ही बार में 104 सेटेलाइट्स सफलतापूर्वक लांच करके भारत ने इतिहास रचा था और अपनी काबिलियत का लोहा सम्पूर्ण विश्व में मनवाया था। इस सफलता के बाद हम उन चंद देशों की सूची में शामिल हो गये हैं, जिनका खुद का सेटेलाइट नेविगेशन सिस्टम है। उसी क्रम में आगे बढ़ते हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने पुनः देश को गौरवान्वित होने का अवसर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय संस्कृति के विकसित केंद्र का रूप लेने की ओर अग्रसर काशी

अगर हम केंद्र की मोदी सरकार और प्रधानमंत्री मोदी के काशी के सांसद के तौर पर चुने जाने के पहले और बाद की स्थिति को देखें तो पाएंगे कि अब वाराणसी विकास के हर मोर्चे पर खरा उतरता हुआ प्रतीत हो रहा है। चाहें वह काशी के गंगा घाटों की साफ़ सफाई की बात हो, शहर की स्वच्छता हो, बिजली-पानी की व्यवस्था हो या फिर सडकों की हालत हो। हर मामले में काशी

सबरीमाला : ‘कोर्ट के फैसले का विरोध बस पुरुष नहीं कर रहे, हमारी माताएं-बहनें भी कर रही हैं’

हमारे देश में सनातन धर्म से जुड़े धार्मिक स्थलों पर पारंपरिक तौर तरीकों से पूजा पद्धतियों का चलन रहा है, जिसमें स्थानीय संस्कृति, दशकों से चली आ रही विशिष्ट परंपरा भी निहित है। बीते कुछ दिनों से देश में केरल के सबरीमाला मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से विवाद पैदा हो गया है।