डॉ दिलीप अग्निहोत्री

यूपी में निवेश के लिए माहौल बनाने में जुटी योगी सरकार !

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में निवेश के लिए व्यापक अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा है। योगी यह भी जानते है कि मात्र सम्मेलन कर लेने से निवेश आकर्षित नही होता है। इसके लिए पहले से इंतजाम करने होते हैं। इसके पहले ये विषय नौकरशाही की प्राथमिकता में नहीं थे, क्योंकि पिछली सपा सरकार ही निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के प्रति गम्भीर नहीं थी।

यूपी निकाय चुनावों में जीएसटी, नोटबंदी और ईवीएम के विरोधियों को जनता ने दिखाया आईना!

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मेहनत सफल हुई। भाजपा की विजय का सिलसिला यूपी के निकाय चुनावों में भी जारी रहा। निकाय चुनाव में विपक्षी पार्टियां बहुत पीछे रह गईं। ऐसा नहीं कि योगी आदित्यनाथ ने केवल कुछ दिन प्रचार किया, वह तो मुख्यमंत्री बनने के साथ ही विकास के लिए जी-जान से जुट गए थे। किसानों की कर्ज माफी से शुरुआत हुई। फिर उनकी सरकार ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। गेहूं-

हाफिज सईद की रिहाई पर राजनीति कर दुनिया को क्या सन्देश देना चाहते हैं, राहुल गांधी ?

अंतर्राष्ट्रीय आतंकवादी हाफिज सईद की पाकिस्तान में रिहाई वस्तुतः विश्व समुदाय की चिंता होनी चाहिए। अनेक देशों ने इसपर पार्टी लाइन से ऊपर उठकर चिंता भी व्यक्त की है। उसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने आतंकवादी घोषित किया था। दस मिलियन डॉलर अर्थात पैसठ करोड़ रुपये का इनाम रखा गया था। अतः उसका रिहा होना केवल भारत की समस्या नहीं है।

अध्यक्ष से कम कब थे राहुल गांधी कि अब अध्यक्ष बनकर कुछ ‘कमाल’ कर देंगे !

कांग्रेस कार्यसमिति ने अध्यक्ष पद के चुनाव की अनुमति दे दी है। सब कुछ योजना के अनुसार हुआ तो चुनाव की औपचारिकता पूरी कर राहुल संभवतः गुजरात चुनाव से पूर्व ही पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन जाएंगे। वैसे, इस प्रकार की चर्चाएं पहली बार नहीं चली हैं। यह चर्चा वर्षों से चल रही है। कई बार तारीखें आगे बढ़ती रहीं। लेकिन, चाहे जितनी देर हो, अध्यक्ष की कुर्सी राहुल को हो मिलनी थी। अब पहले की तरह राहुल अज्ञातवास

उम्मीद जगाती है योगी सरकार की औद्योगिक नीति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औद्योगिक विकास का कारगर रोडमैप तैयार किया है। इसके प्रति निवेशकों ने उत्साह दिखाया है। इसमें संदेह नहीं कि उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास की दौड़ में बहुत पीछे रह गया। अब ऐसा लग रहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस स्थिति में सुधार का बीड़ा उठाया है। उनकी सरकार ने एक साथ कई मोर्चे पर कार्य शुरू किया है। योगी आदित्यनाथ ने इसे अपनी निगरानी में

मनीला में दिखा भारत का दम, चीन से मुकाबले की बनी रणनीति !

किसी वैश्विक शिखर सम्मेलन में प्रायः कुछ देशों की अलग से जुगलबंदी नहीं होती। लेकिन इसके अपवाद भी हैं। कई बार हालात इसके लिए विवश कर देते हैं। फिलीपींस की राजधानी  मनीला में यही हुआ। चीन की विस्तारवादी नीति ने अलग ढंग के हालात बना दिये हैं। इसके मद्देनजर उसे सन्देश देना आवश्यक था। अन्य कोई विकल्प नहीं था। क्योंकि, चीन वैश्विक नियमों को चुनौती देते हुए हिन्द प्रशांत क्षेत्र में अपने सैन्य

प्रधानमंत्री मोदी के न्यू इंडिया को साकार करने के लिए नीति आयोग ने कसी कमर !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया के निर्माण में आगमी पांच वर्षों को बहुत अहम बताया था। यह स्पष्ट हो रहा है कि नीति आयोग ने इसके लिए कमर कस ली है। न्यू इंडिया का रोडमैप सामने है। नीति आयोग ने 2022 का विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है। इस समयसीमा में देश को गरीबी, गन्दगी, भ्र्ष्टाचार आतंकवाद, जातिवाद और सम्प्रदायवाद से मुक्त कर देने का लक्ष्य है। इसका मतलब है कि न्यू इंडिया में ये कमजोरियां नहीं

योगी की मॉरीशस यात्रा का क्या है हासिल ?

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मॉरीशस यात्रा से द्विपक्षीय रिश्तों का नया अध्याय लिखा है। उन्होने आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों पर ही जोर नहीं दिया, बल्कि सांस्कृतिक रिश्तों को भी आगे बढ़ाया है। इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मॉरीशस गए थे, उस दौरान कई विषयों पर आपसी सहमति बनी थी। योगी ने उनको भी न केवल आगे बढ़ाया, बल्कि उसकी

लौह पुरुष सरदार पटेल जो धर्मपत्नी की मृत्यु की सूचना के बाद भी केस लड़ते रहे !

स्वतन्त्रता संग्राम से लेकर मजबूत और एकीकृत भारत के निर्माण तक में सरदार वल्लभ भाई पटेल का  योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।  उनका जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व सदैव प्रेरणा के रूप में देश के सामने रहेगा। उन्होने युवावस्था में ही  राष्ट्र और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने का निर्णय लिया था। इस ध्येय पथ पर वह निःस्वार्थ भाव से लगे रहे। गीता में भगवान कृष्ण ने कर्म को योग रूप में समझाया है।

गुजरात चुनाव : विकास के मुद्दे पर मात खाने के बाद जातिवादी राजनीति पर उतरी कांग्रेस

गुजरात में भाजपा को सत्ता से हटाने के लिए कांग्रेस अपने तरकश के सभी तीर आजमाती रही है। लेकिन,  पिछले तीन विधानसभा चुनाव में उसे कामयाबी नही मिली। इस बार स्थिति बदली थी।  नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गए। कांग्रेस को लगा कि इस बार मुकाबला पहले की अपेक्षा आसान होगा। राहुल गांधी ने मोर्चा खोल दिया।