प्रहलाद सबनानी

भारत में धार्मिक स्थलों को विकसित किए जाने से तेज गति से आगे बढ़ रहा है पर्यटन उद्योग

भारत में प्राचीन समय से धार्मिक स्थलों की यात्रा, पर्यटन उद्योग में, एक विशेष स्थान रखती है। एक अनुमान के अनुसार, देश के पर्यटन में धार्मिक यात्राओं की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत के बीच रहती है।

मोदी सरकार की कारगर आर्थिक नीतियों से बढ़ रहा देश का विदेशी मुद्रा भण्डार

देश में विदेशी मुद्रा भंडार दिनांक 21 जनवरी 2021 को 59,000 करोड़ अमेरिकी डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है जो अपने आप में एक रिकार्ड है।

केंद्र सरकार के प्रयासों से मजबूत हो रहे भारतीय बैंक

सरकार के प्रयासों से बैंकों के एनपीए में कमी दृष्टिगोचर हो रही है। पिछले 6 वर्षों के दौरान सरकार ने लगातार बैंकों की हर तरह की समस्याओं के समाधान हेतु प्रयास किए हैं।

रोजगार के नए अवसर सृजित करने में सहायक होगा बजट-2021

बजट में पूंजीगत ख़र्चों में 34.46 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। इसका सीधा परिणाम देश में रोजगार के नए अवसरों के सृजित होने के रूप में देखने को मिलेगा।

विकास को और गति देने हेतु पूंजीगत खर्च बढ़ा रही है केंद्र सरकार

माह अप्रेल 2020 से नवम्बर 2020 को समाप्त अवधि में केंद्र सरकार का कुल व्यय  19,06,358 करोड़ रुपए रहा है जबकि वित्तीय वर्ष 2019-20 की इसी अवधि के दौरान यह 18,20,057 करोड़ रुपए रहा था।

मोदी सरकार के प्रयासों से भारतीय रेल में हो रहे कई क्रांतिकारी बदलाव

भारत में रेलवे क्षेत्र में हुई धीमी प्रगति के बाद अब पिछले 6 वर्षों के दौरान प्रगति को तेज़ गति प्रदान की गई है एवं आज भारतीय रेल दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक बन गया है।

मोदी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का दिखने लगा है व्यापक असर

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी कहा है कि देश में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा ताकि विदेशी निवेशक भारत की ओर अपना रूख बनाए रख सकें।

दहाई आंकड़े की विकास दर एवं 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ता भारत

भारत में लगभग 60 प्रतिशत आबादी गाँवों में निवास करती है अतः भारतीय अर्थव्यवस्था में आगे आने वाले समय में ग्रामीण एवं छोटे शहरों का दबदबा बना रहने वाला है।

आर्थिक सुस्ती के सभी पूर्वानुमानों को नकारते हुए तेजी से आगे बढ़ रही है भारतीय अर्थव्यवस्था

कोरोना संकट का भारतीय अर्थव्यवस्था पर जिस तरह का दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका आर्थिक विश्लेषक जता रहे थे, वो गलत साबित होती नजर आ रही है।

ये तथ्य बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन के संकट के विरुद्ध विश्व का नेतृत्व भारत ही कर सकता है

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में भारत ने पूरे विश्व को दिखा दिया है कि एमिशन के स्तर को कम करने के लिए किस प्रकार आगे बढ़ा जा  सकता है।