सतीश सिंह

जीएसटी और आयकर संग्रह में वृद्धि दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से बढ़ रही है

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह मार्च में 1.24 लाख करोड़ रुपये रहा, जो अब तक का अधिकतम संग्रह है। वित्त वर्ष 2020-21 में लगातार छठे महीने जीएसटी संग्रह 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा

मोदी सरकार के प्रयासों से भ्रष्टाचार मुक्त होने की ओर बढ़ता भारत

भ्रष्टाचार के कम होने से भारत में विकास को रफ्तार मिल रहा है। साथ ही, लोगों का सुशासन पर विश्वास भी बढ़ रहा है, जिसकी बानगी सतर्कता आयोग को किये जाने वाले शिकायतों की संख्या में कमी आना है।

विकास का वाहक बनता एमएसएमई क्षेत्र

एमएसएमई क्षेत्र में लगभग 11 करोड़ लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अगर एक परिवार की संख्या 4 मानें तो ये 11 करोड़ लोग 33 करोड़ अन्य लोगों का जीवनयापन कर रहे हैं।

मोदी सरकार के सुधारात्मक कदमों का दिख रहा असर, बेहतर हो रही अर्थव्यवस्था

बैंक भी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। कॉरपोरेट्स और खुदरा क्षेत्र में ऋण की माँग बढ़ने लगी है। ऋण वितरण में मजबूती से वृद्धि हो रही है।

भारतीय अर्थव्यवस्था की बेहतरी को दर्शाते हैं ये आंकड़े

अर्थव्यस्व्था के सभी मानकों में बेहतरी आ रही है और भारतीय अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के कारण गहराई मंदी से से तेजी से बाहर निकल रही है।

वैश्विक रेटिंग एजेंसियों के आईने में भी मजबूत नजर आ रही भारतीय अर्थव्यवस्था

वैश्विक रेटिंग एजेंसी मूडीज ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 10.8  प्रतिशत से बढ़ाकर 13.7 प्रतिशत कर दिया है।

मौद्रिक समीक्षा में विकास पर रहा जोर

एक फरवरी को पेश किए गए बजट में भी विकास की गति को तेज करने पर बल दिया गया था और 5 फरवरी को पेश की गई मौद्रिक समीक्षा में भी रिजर्व बैंक ने महँगाई को नियंत्रण में रखते हुए अर्थव्यवस्था को गुलाबी बनाने के लिये अनेक उपाय किये हैं।

बैड बैंक से होगा फंसे कर्ज का इलाज, मिलेगी बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती

बैड बैंक में सरकार कोई निवेश नहीं करेगी और न ही इसमें सरकार की शेयरहोल्डिंग होगी। बैड बैंक बाजार भाव पर बैंकों से उनका डूबा कर्ज खरीदेगा, जिससे अधिक एनपीए वाले बैकों की बैलेंसशीट अच्छी हो जायेगी

आर्थिक गतिविधियों को गति देने वाला बजट

बजट में आधारभूत संरचना खास करके ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, बैंकिंग क्षेत्र, एमएसएमई क्षेत्र आदि को मजबूत बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के मुकाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से हो रहा सुधार

कोरोना के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था संकट के दौर से गुजर रही है। हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था के मुक़ाबले भारतीय अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार हो रहा है।