काउंटर फैक्ट

राहुल गांधी की बचकानी हरकतों के कारण सिमट रही है कांग्रेस

कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी जिस प्रकार की बचकानी हरकतें करते रहे हैं उससे वे हर तरफ हास्‍य का पात्र बन जाते हैं।

हाथरस प्रकरण के बहाने रची गयी दंगों की साज़िश के खुलासे से उपजते सवाल

हाथरस में हुई घटनाओं के संदर्भ में जाँच एजेंसियों के खुलासे ने भी इसकी पुष्टि कर दी है। जो तथ्य निकलकर सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

गैर सरकारी संगठनों के अपारदर्शी चंदे और मनमाने कामों पर लगाम लगाएगा एफसीआरए कानून

नए क़ानून के बन जाने से बहुतों गैर सरकारी संगठनों का गोरखधंधा बंद हुआ है। स्वाभाविक है कि जिन्हें चोट लगी है, वे सभी बहुत जोर-शोर से बिलबिला रहे हैं।

मुद्दाहीन विपक्ष की बौखलाहट का परिणाम है कृषि कानूनों का विरोध

कोरोना जैसी आपदा के समय में भी जिस तरह सरकार ने व्यवस्था को यथासंभव संभाले रखा है और जनता में विश्वास बना रहा है, उससे विपक्ष बुरी तरह से बौखलाया हुआ है।

विपक्ष द्वारा कृषि सुधार विधेयकों के विरोध की क्या है असली वजह ?

कृषि सुधार संबंधी कानून लागू होने के बाद भी सरकारी मंडी व्‍यवस्‍था और न्‍यूनतम समर्थन मूल्‍य जारी रहेंगे फिर भी विपक्ष वोट बैंक की राजनीति में डूबा विपक्ष भ्रम फैलाने से बाज नहीं आ रहा है। 

सरकार का अंधविरोध करते-करते विपक्ष अब संसदीय मर्यादाओं के विरोध पर उतर गया है

हां तक बिल की बात है, यह पूरी संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक ढंग से पारित किया गया है। लेकिन विपक्ष ने तो इस तरह हंगामा मचाया मानो इसे पिछले दरवाजे से बिना प्रक्रिया पूरी किए पास कर दिया गया हो।

किसानों को सशक्त बनाने वाले हैं कृषि विधेयक, भ्रम फैलाना बंद करे विपक्ष

मोदी सरकार के कार्यकाल में विपक्ष की भूमिका जनता में भ्रम और सरकार के कामों में गतिरोध पैदा करने तक सीमित होकर रह गयी है।

दिल्ली हिंसा : दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के बाद अब शुरू हुआ ‘विक्टिम कार्ड’ का खेल

इस वर्ष की शुरुआत में सीएए विरोध के नाम पर दिल्ली को जलाने की साजिश की गई थी। लेकिन, अब जब पुलिस द्वारा कार्यवाही की जा रही है तो आरोपियों द्वारा ‘विक्टिम कार्ड’ खेला जा रहा है।

कंगना से बदला लेना छोड़ कोरोना से बेहाल महाराष्ट्र की चिंता करें उद्धव ठाकरे

जिस प्रकार से बीएमसी ने कंगना का ऑफिस तोड़ा है, वह सरकारी कार्यवाही कम और असामाजिक तत्‍वों की करतूत अधिक मालूम होती है।

बंगाल की दुर्दशा पर चुप रहिये, क्योंकि यहाँ ममता बनर्जी का ‘सेकुलर शासन’ है!

ममता बनर्जी सरकार के राज में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा आम होती जा रही है। आए दिन भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं।