नजरिया

प्रशासनिक ढाँचे को नए भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप आकार देगा मिशन कर्मयोगी

मिशन कर्मयोगी कार्यक्रम भारतीय प्रशासनिक महकमे को भविष्य की चुनौतियों के साथ-साथ नवीन संभावनाओं के संधान के लिए भी तैयार करने वाला हैI 

जम्मू-कश्मीर में हिंदी, कश्मीरी और डोगरी को आधिकारिक भाषा बनाए जाने के निहितार्थ

सरकार के इस महत्‍वपूर्ण निर्णय की वजह से ना सिर्फ जम्‍मू कश्‍मीर के लोगों में समानता का भाव बढ़ेगा बल्कि हिंदी के आधिकारिक भाषा बनने से देश के अन्‍य नागरिकों के साथ उपजे भेदभाव को भी मिटाने में मदद मिलेगी।

वंशवाद, अहंकार और अदूरदर्शिता के भँवर में फँसकर पतन की ओर बढ़ती कांग्रेस

चाटूकारों और अवसरवादियों की भीड़ और उनकी विरुदावलियाँ किसी नेतृत्व के अहं को तुष्ट भले कर दें, पर इनसे वे सर्वस्वीकृत, सार्वकालिक, और महान नहीं बनते।

अतीत से सबक न ले रही कांग्रेस के लिए भविष्य और कठिन होने वाला है

सोमवार को कांग्रेस की बैठक में से एक के बाद एक आए बयानों का सार यही है कि इस पार्टी के लिए गांधी परिवार ही सबकुछ है।

नयी शिक्षा नीति से बदलेगी भारतीय शिक्षा जगत की तस्वीर

हम सभी छोटे-छोटे उद्देश्य तय कर उनको प्राप्त करते हैं। नई शिक्षा नीति में भी एक समयावधि के अन्दर छोटे-छोटे लक्ष्यों को प्राप्त करने की बात की गई है।  

आत्मनिर्भर भारत का अर्थ विदेशी आयात रोकना नहीं, अपनी क्षमता और सृजनात्मकता को बढ़ाना है

जहां तक आत्‍मनिर्भर होने की बात है, यह केवल कोई सरकारी अभियान नहीं बल्कि स्‍वावलंबन की वह भावना है जो स्‍वदेशी निर्माण को बढ़ावा देती है।

भारत के सामयिक उत्कर्ष को सुनिश्चित करने वाली है नयी शिक्षा नीति

नयी शिक्षा नीति सही अर्थों में शिक्षा को औपनिवेशिक चंगुल से मुक्ति की संकल्पना है तथा यह भारत के स्वत्व व स्वाभाविक सामर्थ्य को साकार करने का प्रयास भी है।

लाल किले की प्राचीर से आत्मनिर्भर भारत का संदेश

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए नई शिक्षा नीति का एक बड़ा योगदान होगा, लेकिन यह कुछ महीनों में हासिल होगा, ऐसा हमें नहीं सोचना चाहिए।

जवानों और किसानों को मजबूती देते हुए आत्मनिर्भर भारत की राह पर बढ़ रही मोदी सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू से ही लाल बहादुर शास्त्री जी के ‘जय जवान जय किसान’ के नारे को चरितार्थ करने का संकल्प लिया हुआ है।

रक्षा उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भरता हासिल करने की कवायद

2018-19 में भारत ने 80,000 करोड़ रूपये के रक्षा उपकरणों का उत्‍पादन किया जिसमें से 10,745 करोड़ रूपये के रक्षा उपकरणों का निर्यात किया गया।