कामकाज

स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर बदलने में जुटी मोदी सरकार

आजादी के बाद से सरकारें बिजली, पानी, सड़क, अस्‍पताल के ख्‍वाब दिखाती रहीं लेकिन वे ख्‍वाब हकीकत में नहीं बदले। हां, इन ख्‍वाबों को दिखाने वाले नेताओं की गरीबी जरूर दूर हो गईं। इसका नतीजा यह हुआ कि बहुसंख्‍यक जनसंख्‍या मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसती रह गई। जब-जब ख्‍वाब दिखाने का नारा कमजोर दिखा तब-तब चालाक नेताओं ने जाति-धर्म-क्षेत्र–

कोरोना वायरस के प्रतिकूल प्रभाव से बची रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में बजट पर चर्चा के दौरान कहा था कि अर्थव्यवस्था के बुरे दिन अब ख़त्म होने वाले हैं और सुधार के संकेत अब साफ़ दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने उस समय सुधरती वैश्विक परिस्थितियों का हवाला दिया था। जनवरी 2020 में क्रय विनिर्माण सूचकांक (PMI) में जो उछाल आया है वैसा पिछले 8 सालों में देखने में नहीं आया है।

वैश्विक मंदी के बावजूद स्थिर और उम्मीदों भरी है भारतीय अर्थव्यवस्था की हालत

कोर क्षेत्र में दिसंबर और जनवरी में तेजी रही है। चालू तिमाही में विनिर्माण क्षेत्र में बेहतरी की उम्मीद है। देश के 8 प्रमुख उद्योगों (कोर क्षेत्र) की विकास दर जनवरी में 2.2 प्रतिशत रही। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय द्वारा 28 फरवरी को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक कोयला और सीमेंट क्षेत्र का कोर क्षेत्र की तेजी में प्रमुख योगदान रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कोर क्षेत्र

बुंदेलखंड के बहुमुखी विकास को गति देगा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

कुछ वर्ष पहले तक उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे के मामले में पीछे था। जबकि विकास को गति देने और यात्रा को सुगम बनाने के लिए इनकी बहुत आवश्यकता थी। लेकिन केवल यात्रा के समय को घटाने तक एक्सप्रेस वे का निर्माण सीमित नहीं हो सकता। इसके साथ औद्योगिक बेल्ट का निर्माण होना चाहिए। सुरक्षा के समुचित तकनीकी प्रबंध भी अपरिहार्य होते हैं। योगी आदित्यनाथ

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की पहल

भले ही मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने सर्वसम्मति से 6 फरवरी, 2020 की मौद्रिक समीक्षा में रेपो दर को 5.15 प्रतिशत पर यथावत रखने का फैसला किया, लेकिन दूसरे उपायों से केंद्रीय बैंक, बैंकों को सस्ती पूँजी उपलब्ध करायेगा। रिजर्व बैंक का कहना है कि भविष्य में जरूरत पड़ने पर वह दरों में कटौती भी कर सकता है। अभी मुद्रास्फीति की दर 7.4 प्रतिशत है और ऐसी

एक अप्रैल से दुनिया का सबसे स्वच्छ पेट्रोल-डीजल देने वाला देश बनने जा रहा भारत

आगामी पहली अप्रैल से भारत एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल करने जा रहा है। देश में विश्‍व का सबसे स्‍वच्‍छ पेट्रोल एवं डीजल मिलेगा। देश इस ऐतिहासिक बदलाव के लिए तैयार है। यूरो-4 ग्रेड के ईंधन से अब हमारा देश यूरो-6 ग्रेड के ईंधन की दिशा में कदम रखने जा रहा है। यह बात देशवासियों के लिए गर्व भरी है कि महज तीन वर्षों में भारत इस मुकाम पर पहुंचा है।ऐसा इसलिए है क्‍योंकि विश्‍व

कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण में जुटी मोदी सरकार

केंद्र सरकार इस समय किसानों की आय को वर्ष 2022 तक दुगना करने के उद्देश्य से मिशन मोड में कार्य कर रही है। हाल ही में संसद में प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट में भारतीय कृषि के आधुनिकीकरण हेतु कई उपायों की घोषणा की गई है। केंद्रीय बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16-सूत्रीय  कार्ययोजना पर बल दिया है।

बजटीय प्रावधानों से बैंक होंगे मजबूत, अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

बैंकों को अर्थव्यवस्था का मूल आधार माना जा सकता है। इन्हें मजबूत किये बिना हम अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की परिकल्पना नहीं कर सकते हैं। भारत को 2024 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये बैंकिंग क्रेडिट को मौजूदा स्तर से दोगुना करना जरूरी है जिस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के प्रभुत्व का होगा अगला दशक

21वीं सदी के तीसरे दशक में समाहित, वर्ष 2022 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण करेगा। आज देश के अंदर ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार कई वर्गों, अर्थशास्त्रियों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों में यह धारणा प्रबल होती जा रही है कि न केवल अगला दशक बल्कि अगली सदी भी भारत के प्रभुत्व वाली होने की प्रबल सम्भावना बनती जा रही है। इसकी

विदेशी काला धन क़ानून के तहत आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई, 422 मामलों में नोटिस जारी

काला धन इस देश में हमेशा से एक बड़ा मुद्दा रहा है। हाल ही में संसद में केंद्र सरकार ने काले धन को लेकर कुछ महत्‍वपूर्ण जानकारियां प्रस्‍तुत की हैं। ये जानकारियां गौरतलब इसलिए भी हैं क्‍योंकि इससे सरकार की मंशा ही नहीं, बल्कि सरकार के कृत्‍यों की भी पुष्टि होती है।