कामकाज

अब किसानों के आयेंगे अच्छे दिन,बदलेगी कृषि की छवि

केंद्र की राजग सरकार की पहली प्राथमिकता कृषि क्षेत्र की प्रमुख चुनौतियां थीं। सरकार ने इससे निपटने के लिए कारगर पहल की है। इन चुनौतियों को दो हिस्सों में बांटक र इनसे निपटने की रणनीति पर अमल करना शुरु किया है। पहला- कृषि की लागत मूल्य में निरंतर वृद्धि में कटौती करना और दूसरा- उपज

भारतीय अर्थव्यस्था के अच्छे दिन

ऐसे समय में जब दुनिया भर के अधिकांश देश आर्थिक संकट की दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में भारत में ख़राब मानसून और प्रायवेट सेक्टर में निवेश की कमी के बावजूद भी अर्थव्यवस्था गतिशील है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की ओर से कराए गए सर्वे में विशेषज्ञों ने यह उम्‍मीद जताई है कि भारत की

एक सप्ताह में ११७ गांव रोशन

 देश भर के 117 गांवों में पिछले हफ्ते (23 से 29 मई 2016) के बीच दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के तहत बिजली पहुंचाई गई। इनमें 18 गांव अरुणाचल प्रदेश, 26 गांव असम, 23 गांव झारखंड, 1 गांव राजस्थान, 6 मध्य प्रदेश, 3 उत्तर प्रदेश, 5 बिहार, 2 छत्तीसगढ़, 11 ओडिशा और 22 मेघालय के गांव शामिल है। देश भर के

विकास के प्रति नवीन दृष्टिकोणः सांसद आदर्श ग्राम योजना

हमारे लिए एक बड़ी समस्या रही है कि हमारा विकास आपूर्ति-उन्मुख रहा है। लखनउ, गांधी नगर अथवा दिल्ली में एक स्कीम तैयार की गई है। इसे ही आरंभ करने का प्रयास किया जा रहा है। हम आदर्श ग्राम के द्वारा इस माडल को आपूर्ति-उन्मुख की बजाए मांग-उन्मुख करना चाहते हैं। स्वयं ग्राम में ही इसकी

जनता को मिली JAM की ताकत

JAM का विजन, आगामी कई पहलों के लिए बुनियाद का काम करेगा। मेरे लिए JAM का मतलब है अधिकतम लक्ष्य की प्राप्ति।खर्च होने वाले प्रत्येक रुपये का अधिकतम प्रतिफल। हमारे गरीबों का अधिकतम सशक्तिकरण।जनता के बीच तकनीक का अधिकतम प्रसार:नरेंद्र मोदी आजादी के 67 साल बाद भी भारत में बड़ी संख्या में ऐसी आबादी थी

हमारा मंत्र होना चाहिए: ‘बेटा बेटी एक समान:नरेन्द्र मोदी

 आइए कन्या के जन्म का उत्सव मनाएं। हमें अपनी बेटियों पर बेटों की तरह ही गर्व होना चाहिए। मैं आपसे अनुरोध करूंगा कि अपनी बेटी के जन्मोत्सव पर आप पांच पेड़ लगाएं:प्रधानमंत्री  प्रधान मंत्री अपने गोद लिए गांव जयापुर के नागरिकों से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की शुरूआत प्रधान मंत्री ने 22 जनवरी 2015 को

ऊर्जा क्षेत्र – ऊर्जा में सबलता

 संदीप सिंह जब राजग सरकार ने मई, 2014 में सत्ता संभाली थी, उस समय भारत में 30 करोड़ लोग बिजली के बिना जी रहे थे। यह बेहद अफसोस की बात थी कि आजादी के 67 वर्षो बाद भी चौबीस घंटे बिजली महज एक सपना ही था। देश अंधकार में डूबा था। राजग सरकार ने ऊर्जा

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ी भारत की साख

जे. के. त्रिपाठी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने पर विभिन्न क्षेत्रों में आकलन प्रारंभ हो गए हैं। आइये देखें कि विदेश नीति के मोर्चे पर इस सरकार का कार्य कैसा रहा है। पड़ोसी देशों की बात करें तो मोदी सरकार ने पिछली सरकारों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

दो साल का कामयाब सफ़र

हर्ष. वी पंत नरेंद्र मोदी की सरकार 26 मई को केंद्र की सत्ता में दो साल पूरे कर लेगी। यह सरकार आम चुनावों में सिर्फ एक नेता नरेंद्र मोदी के दम पर मई 2014 में भारी बहुमत से जीतकर सत्ता में आई थी। इसके दो साल के कार्यकाल को देखें तो सरकार में सिर्फ मोदी

ईरान से चाबहार बंदरगाह समेत 12 समझौते पर हस्ताक्षर

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन सोमवार को यहां राष्ट्रपति हसन रूहानी से मुलाकात की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने एक ट्वीट में कहा, “मोदी व रूहानी ने एकांत में मुलाकात की और विचारों का आदान-प्रदान किया।” भारत-ईरान के बीच 12 समझौते हुए हैं। इसमें महत्वपूर्ण