पॉलिटिकल कमेंटरी

संघ के विचारों के बेहद करीब थे बाबा साहब

शिवानन्द द्विवेदी आज पूरा देश डॉ भीम राव अम्बेडकर की १२५ वीं जयंती मना रहा है. बाबा साहब के विचारों पर चर्चा हो रही है. इस चर्चा के बीच उन तमाम वैचारिक पहलुओं पर गौर करना जरुरी है जो बाबा साहब अम्बेडकर की विचारधारा के मूल धरोहर हैं. वर्तमान भारत में राजनीतिक अथवा कतिपय कारणों

एक चुकी विरासत के वारिस हैं राहुल गांधी

हर्षवर्धन त्रिपाठी राहुल गांधी को लेकर बार-बार ये कहा जाता है कि इतनी शानदार विरासत को वो संभाल नहीं पा रहे हैं। ये बात इतनी बार और इतने तरीके से कही जा चुकी है कि देश को राहुल गांधी पर अब नेता के तौर पर भरोसा हो ही नहीं पाता है। क्योंकि, देश के लोगों

इशरत जहां मामले में बेनकाब हुई कांग्रेस

शिवानन्द द्विवेदी बहुचर्चित इशरत जहां मुठभेड़ मामले में एकबार फिर कांग्रेस का आला नेतृत्व फंसता नजर आ रहा है. थोड़ा अतीत में जाकर इस मामले को देखें तो वर्ष २००४ में आईबी से मिली जानकारी के आधार पर गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच ने एक चार आतंकियों का एनकाउन्टर किया था, जिनमे से एक इशरत

भाजपा शासन में बेहतर हुआ

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा शासन में बेहतर हुआ

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा शासन में बेहतर हुआ

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा शासन में बेहतर हुआ

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा शासन में बेहतर हुआ

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा का विस्तार एवं सन्गठन

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,

भाजपा का विस्तार एवं सन्गठन

जिस संघ को कांग्रेस ने अपने खिलाफ उठे जनाक्रोश को भटकाने के लिए फासीवादी कहा था उसी संघ के एक शिविर में जेपी 1959 में जा चुके थे. उन्होंने संघ को कभी अछूत नहीं माना. आपातकाल के बाद जब जेपी जेल से छूटे तो उन्होंने मुंबई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था,