अफगानिस्तान

सब तरफ से घिरता जा रहा आतंक का सरगना पाकिस्तान

पाकिस्तान आज के समय में आतंकवाद का सबसे बड़ा पनाहगाह बन गया है। भारत से अलग होकर पाकिस्तान चाहता तो दक्षिण एशिया में अपनी एक अलग पहचान बना सकता था लेकिन भारत से मुकाबले की सनक ने उसे एक आतंकवादी देश बना दिया।

इस्लामिक मुल्कों में सिखों-हिन्दुओं की हत्या पर ‘सेक्युलर ब्रिगेड’ सन्नाटा क्यों मार जाती है ?

अफ़ग़ानिस्तान में पिछले दिनों जिहादियों ने 15 सिखों और तीन हिन्दुओं को आतंकी हमले में मार दिया। ये सभी लोग अल्पसंख्यको पर बढ़ रहे आतंकी हमलों से चिंतित थे और अफगानी राष्ट्रपति अशरफ गनी से जलालाबाद में मिलने जा रहे थे, वहीं घात लगाकर आतंकियों ने इनपर कायराना हमला किया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है, अफगानिस्तान सहित तमाम

अमेरिका की अफगानिस्तान नीति पर भारत के सधे हुए कदम

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति हमेशा चौंकाने वाली होती है। फिर चाहे वो डोकलाम विवाद के समय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अनपेक्षित मुलाकात हो या फिर सारे पूर्वाग्रहों को तोड़ते हुए इजरायल का दौरा करने का निर्णय हो। हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अमेरिका के शीर्ष थिंक टैंक  सीएसआईएस में अपने संबोधन में कहा था कि  हम उम्मीद करते

अमेरिका की नयी अफगानिस्तान नीति से पाकिस्तान बाहर, भारत को होगा लाभ

‘मदरशिप ऑफ़ टेररिज्म’ यानी आतंकवाद पैदा करने वाले देश का दर्जा पिछले ही साल अक्टूबर के ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को दिया था। अब धीरे-धीरे दुनिया के महाशक्ति देश भी भारत की बात के समर्थन में उतरने खड़े होने लगे हैं। बीते 21 अगस्त को अमेरिका के प्रधानमंत्री डोनाल्ड ट्रम्प ने भी अपने भाषण में पाकिस्तान को आतंक फैलाने वाला देश कह दिया। ट्रम्प ने तीन बार अपने भाषण में

हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन : पाक को अलग-थलग करने की दिशा में भारत का एक और कदम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति के बीच विगत दिनों संपन्न हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन में व्यापार और निवेश को बढ़ाने पर चर्चा हुई, जिससे कि दक्षिण एशिया में भारत पाकिस्तान के विरुद्ध अपनी स्थिति मजबूत करने की दिशा में शनैः-शनैः कदम बढ़ाता दिख रहा है। अफगानिस्तान की जर्जर अर्थव्यवस्था के पुननिर्माण और रक्षा

हार्ट ऑफ़ एशिया सम्मेलन में भी अलग-थलग पड़ा पाक, अफगानिस्तान ने भी लगाई लताड़

अमृतसर में आयोजित 7वां हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन कई मायनों में अहम रहा। अफगानिस्तान के पुनर्गठन, सुरक्षा व आर्थिक विकास के साथ–साथ आतंकवाद तथा नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने जैसे गंभीर विषय चर्चा के केंद्र में रहे। सम्मेलन के एजेंडे में आतंकवाद का मुद्दा प्रमुख था। जाहिर है कि जिस मंच पर पाकिस्तान के प्रतिनिधि मौजूद हों और बात आतंकवाद को उखाड़ फेकने की हो, वहां पाक प्रतिनिधि