अशोक गहलोत

आंतरिक कलह के लिए भाजपा पर उंगली उठाकर अपनी कमियां छिपाना चाहती है कांग्रेस

कांग्रेस अपने इस आंतरिक संकट का ठीकरा भाजपा पर फोड़ रही है, जबकि इसके लिए वो खुद जिम्मेदार है। परन्तु आत्मचिंतन करने को तैयार नहीं।

परिवारवाद के चंगुल में फँसी पतन की ओर बढ़ती कांग्रेस

राजस्‍थान विधानसभा के बाद सचिन पायलट मुख्‍यमंत्री पद के प्रबल दावेदार बनकर उभरे थे लेकिन कांग्रेस आलाकमान ने अशोक गहलोत को मुख्‍यमंत्री की गद्दी सौंप दी।

राजस्थान : कांग्रेस की आपसी कलह का भांडा भाजपा के सिर क्यों फोड़ा जा रहा ?

कांग्रेस की इस स्थिति के लिए पूरी तरह से कांग्रेस ही ज़िम्मेदार है, तिसपर पार्टी के बहुत से लोगों को अब भी गाँधी परिवार के परे कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा।

महाराणा प्रताप और वीर सावरकर की महानता राजस्थान सरकार के प्रमाणपत्र की मोहताज नहीं है

परन्तु, ऐसे दुष्प्रयासों से प्रताप और सावरकर जैसे धवल चरित्रों पर काज़ल की एक रेख भी न लगने पाएगी। लोकमानस अपने महानायकों के साथ न्याय करना खूब जानता है।

केजरीवाल की राजनीति को अपना रोल मॉडल मानने की गलती न करें कांग्रेस शासित बड़े राज्य

दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली जीत के बाद अब कोई शक नहीं हैं कि जनता ने अरविन्द केजरीवाल पर दोबारा विश्वास जताया है। विचित्र यह रहा कि अरविन्द केजरीवाल जो लगातार पिछले चार साल तक यह आरोप लगते रहे कि मोदी सरकार ने उन्हें काम नहीं करने दिया, चुनाव के समय अचानक यह कहने लगे कि उन्होंने जनता से किये गए सारे वादे पूरे कर