आरक्षण

भारत के सामयिक उत्कर्ष को सुनिश्चित करने वाली है नयी शिक्षा नीति

नयी शिक्षा नीति सही अर्थों में शिक्षा को औपनिवेशिक चंगुल से मुक्ति की संकल्पना है तथा यह भारत के स्वत्व व स्वाभाविक सामर्थ्य को साकार करने का प्रयास भी है।

औद्योगिक विकास के इस दौर में निजी क्षेत्र में आरक्षण का सवाल

पिछले दिनों दो बड़ी खबरें अख़बारों के मुख्य पृष्ठ की सुर्खियाँ नहीं बन पाईं। दक्षिण भारत के एक बड़े राज्य आंध्र प्रदेश में यहाँ के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने प्राइवेट सेक्टर के लिए 75 फीसद आरक्षण की घोषणा कर दी। यह एक ऐसा फैसला था, जिसके ऊपर अब तक बहस भी नहीं हुई थी और एक आम राय नहीं बन सकी है।

सामाजिक न्याय का अतिवंचित तक विस्तार करने की दिशा में प्रयासरत योगी सरकार !

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सामाजिक न्याय के विस्तार के लिए प्रयासरत दिख रहे हैं। उनकी मंशा आरक्षण के लाभ को अतिदलित और अतिपिछड़े वर्ग तक पहुंचाने की है। इसका ऐलान उन्होंने विधानसभा में किया। वैसे, आरक्षण का विषय संवेदनशील होता है। फिर भी समाज के वंचित वर्ग को इस माध्यम से बराबरी पर लाने की आवश्यकता है। लेकिन, इतने दशक बीतने के बाद भी आरक्षित वर्ग का