आसियान

आरसेप प्रकरण : एकबार फिर साबित हो गया कि देश सुरक्षित हाथों में है

लंबे अरसे से मोदी सरकार को घेरने में जुटी कांग्रेस को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समग्र क्षेत्रीय व्‍यापार समझौते (आरसीईपी-आरसेप) पर केंद्र सरकार के सलाहकार की सिफारिशों को ठुकराते हुए आरसेप पर हस्‍ताक्षर करने से इंकार कर दिया।

पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में छाए रहे मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिंगापुर यात्रा मात्र छत्तीस घण्टे की थी, लेकिन यह द्विपक्षीय व क्षेत्रीय सहयोग की दिशा में उपयोगी साबित हुई। यहां मोदी ने मेजबान सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और जापान के प्रधानमंत्री तथा अमेरिका के उपराष्ट्रपति आदि से वार्ता की। इसमें अनेक द्विपक्षीय मसलों पर सहमति बनी तथा क्षेत्रीय स्तर पर आपसी संपर्क के साथ-साथ हिन्द प्रशांत क्षेत्र में साझा

मनीला में दिखा भारत का दम, चीन से मुकाबले की बनी रणनीति !

किसी वैश्विक शिखर सम्मेलन में प्रायः कुछ देशों की अलग से जुगलबंदी नहीं होती। लेकिन इसके अपवाद भी हैं। कई बार हालात इसके लिए विवश कर देते हैं। फिलीपींस की राजधानी  मनीला में यही हुआ। चीन की विस्तारवादी नीति ने अलग ढंग के हालात बना दिये हैं। इसके मद्देनजर उसे सन्देश देना आवश्यक था। अन्य कोई विकल्प नहीं था। क्योंकि, चीन वैश्विक नियमों को चुनौती देते हुए हिन्द प्रशांत क्षेत्र में अपने सैन्य

चीनी आक्रामकता के जवाब में मोदी सरकार ने अपनाई एक्ट ईस्ट नीति!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बलूचिस्‍तान मामले में पाकिस्‍तान को जैसी पटखनी दी, उसकी कल्‍पना उसने सपने में भी नहीं की होगी। अब प्रधानमंत्री उसी प्रकार की पटखनी चीन को देने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि लंबे अरसे से चीन भारत को चारों ओर से घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसके लिए वह भारत के पड़ोसी देशों को मोहरा बनाने से भी बाज नहीं आया। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दक्षिण-पूर्व