एयर स्ट्राइक

ओवैसी के राम मंदिर विरोध के मूल में मुस्लिम लीग वाली मानसिकता ही कारण है

केंद्र में कांग्रेसी सरकारों का प्रायः समर्थन करने वाला ओवैसी का दल (एआईएमआईएम) भाजपा सरकार के प्रत्येक कार्य पर उंगली उठाता रहा है।

पीओके पर भारत के कड़े रवैये से थरथराता पाकिस्‍तान

पाकिस्‍तान ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत कभी पाक अधिकृत कश्‍मीर की ओर नजर उठा कर देखेगा भी। इसी का नतीजा है कि जैसे ही भारतीय मौसम विभाग ने पाकिस्‍तान के गिलगिट, मुजफ्फराबाद, मीरपुर का तापमान बताना शुरू किया वैसे ही पाकिस्‍तान की नींद हराम हो गई।

कबतक अपने बयानों से पाकिस्तान की मदद करती रहेगी, कांग्रेस!

भारत सरकार के जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 के अधिकांश प्रावधान समाप्त करने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाहट में है। वो लगातार इस मसले को विश्व पटल पर मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन दिक्कत ये है कि भारत की कूटनीतिक लामबंदी और बढ़ते वैश्विक प्रभाव के समक्ष चीन के सिवाय कोई भी देश इस मसले पर पाकिस्तान का साथ देने को तैयार नहीं नजर आ रहा है। चीन भी पूरी तरह से खुलकर उसका पक्ष नहीं ले पा रहा।

ये कैसे ‘भारतीय नेता’ हैं जिन्हें अपने देश की सेना और सरकार पर ही भरोसा नहीं

आतंकी हमले और आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक पर नकारात्मक सियासत भारत में ही संभव है। यहां अनेक नेता लगातार पाकिस्तान और आतंकी संगठनों के प्रति हमदर्दी के बयान दे रहे हैं। ऊपर से तुर्रा यह कि सरकार इस मामले का चुनावी फायदा उठाना चाहती है। लेकिन इस विषय को चुनाव तक चलाने का कार्य तो विपक्ष के नेता ही कर रहे हैं। कुछ अंतराल पर इनके बयान आने का सिलसिला बन गया है। 

पाकिस्तान परस्त भाषा बोल रहे कांग्रेसियों पर राहुल गांधी के मौन का मतलब क्या है?

कांग्रेस के नेताओं द्वारा एयर स्ट्राइक पर जिस तरह से पाकिस्तान के प्रवक्ता जैसी भूमिका निभाई जा रही, उसपर कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व मौन है। कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई तो दूर इन नेताओं को एक चेतावनी तक नहीं दी गयी है। फिर यह सवाल उठाना जायज है कि क्या इन बयानों को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मौन स्वीकृति मिली हुई है?

नया भारत: जिसकी ताकत को विश्व महसूस ही नहीं कर रहा, स्वीकार भी रहा है

वो भारत जो 1971 में जेनेवा समझौते के बावजूद 90000 पाक युद्ध बंदियों और जीते हुए पाक के हिस्से के बदले अपने 54 सैनिक वापस नहीं ले पाया, आज पाक को 36 घंटे के भीतर अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते भारी घरेलू विरोध के बावजूद भारतीय पायलट बिना शर्त सकुशल लौटाने के लिए बाध्य कर देता है।

एयर स्ट्राइक : जो भाषा पाकिस्तान बोल रहा, वही हमारे विपक्षी नेता भी बोल रहे हैं!

भारत की एयर स्ट्राइक की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। पाकिस्तान में भी हड़कंप मचा। शीर्ष कमांडरों की लगातार बैठक चली। प्रधानमंत्री इमरान  पर भारी दबाब पड़ रहा था। यही कारण था कि पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए एफ-16 लड़ाकू विमान भेजा था। पाकिस्तान के कई आतंकी सरगना भी  हमले का रोना रो रहे थे।

एयर स्ट्राइक के सबूत मांगने की शर्मनाक राजनीति से बाज आए विपक्ष

पुलवामा हमले के बाद भारतीय सेना ने नियंत्रण पार कर आतंकी ट्रेनिंग कैम्पों पर हमला कर खलबली मचा दी। 26 फरवरी की सुबह भारतीय वायु सेना ने अपने मिराज़ 2000 लड़ाकू विमानों की मदद से नियंत्रण रेखा को पार किया। अगले 19 मिनट तक भारतीय सेना आतंकी ठिकानों पर बम बरसाती रही।

आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई के बाद देश की एक ही आवाज – मोदी हैं तो मुमकिन है!

पुलवामा में भारतीय सैनिकों पर हुए कायराना हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने जैश के ठिकानों को तबाह कर बदला लिया है। सरकार की तरफ से ये कदम अपेक्षित था।  यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में इस कार्रवाई को बाखूबी अंजाम दिया गया।

पुलवामा का प्रतिशोध: ‘ये मोदी का न्यू इंडिया है जो घर में घुसेगा भी और मारेगा भी’

प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को आश्वस्त किया था कि हमारे जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी जिसके बाद भारतीय वायुसेना ने 12 दिन के बाद ही पाकिस्तान समर्थित आतंकियों पर कड़ी कार्यवाई करते हुए नियंत्रण रेखा के पार जाकर पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकियों के ठिकानों को ध्वस्त कर उनके नकारात्मक मंसूबों पर विराम लगा दिया।