केजरीवाल

दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य की नहीं, केवल विज्ञापन की क्रांति हुई है – कपिल मिश्रा

नेशनलिस्ट ऑनलाइन से बातचीत के दौरान युवा भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार की विफलताओं को तथ्यों-तर्कों के साथ रेखांकित किया, वहीं अमित शाह द्वारा लिए गए निर्णयों को दिल्ली की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया।

कोरोना संक्रमण के आगे दिल्‍ली सरकार ने टेके घुटने, अमित शाह ने थामी कमान

दिल्‍ली सरकार राजधानी में फैले कोरोना संक्रमण के सामने घुटने टेक चुकी है। हालात हाथ से बाहर जाता देख अब देश के गृहमंत्री अमित शाह ने राजधानी की कमान अपने हाथों में ले ली है।

दिल्ली से मजदूरों के पलायन के लिए जिम्मेदार है केजरीवाल सरकार

कोरोना वायरस से हमारी सुरक्षा के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। कोविड-19 संक्रमण के कारण तेज़ी से फैल रहा है। इस संक्रमण को रोकने का सबसे कारगर उपाय यही है कि लोग एक दूसरे के सम्पर्क में ना आएं। भारत सरकार इस महामारी से निपटने के लिए हर प्रभावी कदम उठा रही है।

कन्हैया कुमार पर केस चलाने की अनुमति देने के पीछे क्या है ‘आप’ की राजनीति?

आम आदमी पार्टी की सरकार ने दिल्ली में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार  के खिलाफ केस चलाने की मंजूरी देकर नेक काम किया है, लेकिन यह फैसला लेने में हुई देरी पर सवाल भी उठ रहे हैं। कन्हैया कुमार सहित अन्य 10 छात्रों पर आरोप था कि इन लोगों ने संसद पर हमले के दोषी अफज़ल गुरु को सजा दिए जाने के विरोध में भारत विरोधी नारे लगाए थे। यह मामला 2016

केजरीवाल की राजनीति को अपना रोल मॉडल मानने की गलती न करें कांग्रेस शासित बड़े राज्य

दिल्ली चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली जीत के बाद अब कोई शक नहीं हैं कि जनता ने अरविन्द केजरीवाल पर दोबारा विश्वास जताया है। विचित्र यह रहा कि अरविन्द केजरीवाल जो लगातार पिछले चार साल तक यह आरोप लगते रहे कि मोदी सरकार ने उन्हें काम नहीं करने दिया, चुनाव के समय अचानक यह कहने लगे कि उन्होंने जनता से किये गए सारे वादे पूरे कर

क्या दिल्ली चुनाव से पहले ही कांग्रेस अपनी हार स्वीकार कर चुकी है?

दिल्ली के चुनाव आज देश का सबसे चर्चित मुद्दा हैं। इसे भारतीय राजनीति का दुर्भाग्य कहें या लोकतंत्र का, कि चुनाव दर चुनाव राजनैतिक दलों द्वारा वोट हासिल करने के लिए वोटरों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देना तो जैसे चुनाव प्रचार का एक आवश्यक हिस्सा बन गया है।

मोदी सरकार ने किया दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के विकास का रास्ता साफ़

यदि हम बीते दो दशकों का दौर देखें तो दिल्ली में डेढ़ दशक तक कांग्रेस का शासन रहा, उसके बाद गत 5 वर्षों से आम आदमी पार्टी सत्‍ता में है। इसके बावजूद दोनों दलों ने अनाधिकृत कॉलोनियों की दिशा में ना कुछ सोचा, ना किया। अब जब मोदी सरकार ने यह बीड़ा उठाया है तो केजरीवाल इसका श्रेय लेने की कोशिश में जुट गए हैं।

सिर्फ दिल्ली के पानी का सैम्पल ही फेल नहीं हुआ, दिल्ली की सरकार भी फेल हो चुकी है

राजधानी नई दिल्‍ली में इन दिनों पानी को लेकर खासा घमासान मचा है।  असल में, पिछले दिनों केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्‍ता मंत्रालय ने देश भर के 20 राज्‍यों को लेकर एक रैंकिंग जारी की थी। इसमें केवल राजधानियों के पानी की गुणवत्‍ता की जांच का हवाला था। दिल्‍ली का पानी इसमें सर्वाधिक प्रदूषित पाया गया। दिल्‍ली से जो 11 सैंपल लिए गए थे, वे सारे सैंपल 19 तय मापदंडों

मुफ्तखोरी की राजनीति का नया रिकॉर्ड बना रहे केजरीवाल

ईमानदार राजनीति के जरिए व्‍यवस्‍था बदलने का ख्‍वाब दिखाने वाले दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल मुफ्तखोरी की राजनीति को नया आयाम देने में जुटे हैं। पिछले साढ़े चार साल से प्रधानमंत्री से लेकर उप राज्‍यपाल तक पर काम न करने देने का आरोप लगाने वाले केजरीवाल अब मुफ्तखोरी की राजनीति कर रहे हैं।

लगातार राजनीतिक जमीन खो रही है आम आदमी पार्टी

पंजाब, गोवा, गुजरात, छत्‍तीसगढ़, राजस्‍थान, मध्‍य प्रदेश के बाद अब हरियाणा और महाराष्‍ट्र में भी आम आदमी पार्टी को करारी शिकस्‍त मिली है। साल भर पहले पार्टी ने हरियाणा में विधानसभा चुनाव पूरे दमखम से लड़ने का ऐलान किया था और नवीन जयहिंद को मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार भी घोषित कर दिया था। इसके बावजूद आम आदमी पार्टी ने विधानसभा की 90 में से