केजरीवाल

संविधान का उल्लंघन केजरीवाल की रणनीति का हिस्सा है

दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद से ही केजरीवाल सहित आम आदमी पार्टी के नेता खुद को संविधान से उपर समझने लगे। वे हर उस संवौधानिक प्रक्रिया को तुच्छ समझने लगे जिसका समर्थन भारतीय संविधान करता है। केजरीवाल ने संविधान के इतर जाकर ही संसदीय सचिवों की नियुक्ति की थी जिसको बाद में माननीय न्यायलय द्वारा असंवैधानिक घोषित कर दिया गया। इस वाकया से सबक लेने और संवैधानिक प्रक्रियाओं का एक फिर से उल्लंघन किया और दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने के लिए जनमत संग्रह कराने का राग अलापने लगे।

कुर्सी से चिपकने की राजनीति में पीएचडी है केजरीवाल की पार्टी: अन्ना हजारे

भ्रष्टाचार विरोधी आन्दोलन में अन्ना हजारे के सहयोगी रहे अरविन्द केजरीवाल के संबध में सवाल पूछने पर अन्ना कहते हैं कि केजरीवाल ने राजनीति में जाकर भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को जबर्दस्त नुकसान पहुंचाया। मैंने पहले ही कहा था कि यह आंदोलन भ्रष्टाचार के खात्मे के लिए होगा, राजनीति के लिए नहीं। मैंने राजनीतिक दल बनाने के लिए अरविंद को रोका था।