कोरोना काल

‘उपसभापति हरिवंश का आचरण प्रशंसनीय ही नहीं, अनुकरणीय और वरेण्य भी है’

त्वरित प्रतिक्रिया एवं तल्ख़ टीका-टिप्पणियों वाले इस दौर में उपसभापति हरिवंश का यह आचरण न केवल प्रशंसनीय है, अपितु अनुकरणीय एवं वरेण्य भी है।

राम मंदिर : भूमि-पूजन पर विपक्ष का बेमतलब बवाल

राजनीति तोड़ती है, जबकि संस्कृति जोड़ती है। इसमें  किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि राम मंदिर राजनीतिक नहीं, अपितु एक सांस्कृतिक मुद्दा है।

कोरोना महामारी के बीच अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संपूर्ण विश्व की निगाहें भारत की ओर हैं

योग आपको शारारिक और भौतिक अस्तित्व से ऊपर उठाकर मानव की उच्चतम क्षमता की ओर ले जाता है। और योग द्वारा जो भी कुछ मनुष्य को मिलता है, वो अधिकतर समाज को देने में ही विश्वास करता है।

कोरोना संकट : गरीबों के हितों के साथ-साथ राज्य के विकास को लेकर भी सक्रिय है योगी सरकार

गरीबों-मजदूरों के हितों की चिंता के साथ-साथ योगी राज्य की विकास सम्बन्धी गतिविधियों को लेकर भी सक्रिय हैं। एक्सप्रेस वे व औद्योगिक गलियारे के इस दौरान बाधित हुए कार्य में पुनः तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं।

अब जल शक्ति घर लौटे कामगारों का बनेगा आधार

इससे राज्‍यों की पेय जल की समस्‍या का हल भी निकाला जा सकेगा, साथ ही घर वापस गए कामगारों को रोजगार भी दिया जा सकेगा।

कुछ ऐसी घटनाएँ जो इस आपदा काल में पुलिस का मानवीय पक्ष तो दिखाती ही हैं, उम्मीद भी जगाती हैं

अपने कंधे पर समाज की सुरक्षा का भार ढोने वाली पुलिस ने अब कोरोना को भी हराने की जिम्मेदारी ले ली है। इसके कारण आज सैंकड़ों पुलिस कर्मियों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी है लेकिन इसके बावजूद भी ये खाकी वर्दी धारी योद्धाओं ने अपने आप को कोरोना के खिलाफ जंग में सबसे अग्रिम पंक्ति में अब तक रखा है।

रेलवे के बहाने आपदा काल में राजनीति कर रहे विपक्ष के दावों की श्रमिकों ने खोली पोल

जिस विपक्ष को आपदा की इस घड़ी में सरकार का साथ देना चाहिए था वह विपक्ष विस्‍थापितों की तकलीफों को बढ़ाने में जुटा था ताकि मोदी सरकार को बदनाम किया जा सके। इसे रेलवे के उदाहरण से समझा जा सकता है।

उत्तर प्रदेश लौटकर आए मजदूरों ने उतार दिया कई चैनलों के चेहरे से निष्पक्षता का मुखौटा

माय गव इंडिया के यूट्यूब चैनल  पर पलायन कर रहे लगभग आधा दर्जन मजदूरों का अनुभव सुनने को मिला। इस वक्त जब तन्हाई और अवसाद की काली छाया चारों तरफ कोविड 19 के इस दौर में पसरी है, ऐसे समय में यह अनुभव नई ऊर्जा से भर देने वाला है।

कोरोना संकट में भी पूरा विश्व जता रहा है भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा

भारतीय इतिहास में पहली बार देश में विदेशी मुद्रा भंडार ने 500 बिलियन (50,000 करोड़) अमेरिकी डॉलर के आँकड़े को पार करते हुए 501.70 बिलियन (50,170 करोड़) अमेरिकी डॉलर के स्तर को छुआ है।

अविवेकपूर्ण निर्णयों से समस्या पैदा कर अब किस मुंह से केंद्र से मदद मांग रहे केजरीवाल ?

केजरीवाल कब क्‍या देखकर निर्णय लेते हैं, यह समझ से परे होता है। उनके बयान भी कम चौंकाने वाले नहीं होते। उन्‍होंने पिछले दिनों बड़ी अटपटी बात कही कि दिल्‍ली सरकार यहां के अस्‍पतालों में बाहरी राज्‍यों के मरीजों का इलाज नहीं करेगी।