जयंती

जयंती विशेष : राष्ट्र के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा सरदार पटेल का व्यक्तित्व

आज देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और आजाद भारत को एकता के सूत्र में बाँधने वाले लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144 वीं जयंती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवड़िया में उनकी विशाल प्रतिमा ‘स्टेचू ऑफ़ यूनिटी’, जिसका अनावरण गत वर्ष ही हुआ था, पर पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। यहाँ मोदी ने जम्मू-कश्मीर की चर्चा करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने कहा था कि अगर ये मामला उनके हाथ में होता जल्दी सुलझ गया होता। साथ ही प्रधानमंत्री ने

जयंती विशेष : दीनदयाल उपाध्याय के विचारों की प्रासंगिकता

दीनदयाल उपाध्याय राजनेता के साथ-साथ उच्च कोटि के चिंतक, विचारक और लेखक भी थे। इस रूप में उन्होंने श्रेष्ठ, शक्तिशाली और संतुलित रूप में विकसित राष्ट्र की कल्पना की थी। उन्होंने निजी हित व सुख सुविधाओं का त्याग कर अपना जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। यही बात उन्हें महान बनाती है

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी: ‘उनमें श्रेष्ठता की ऊर्जा थी, वे जिस क्षेत्र में गए श्रेष्ठ बनकर उभरे’

भारतीय जनसंघ के संस्‍थापक डॉ. श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी की आज 118 वीं जन्‍म जयंती है। हालांकि उनकी पहचान जनसंघ के संस्‍थापक की तौर पर ही अधिक है लेकिन वे बहुआयामी व्‍यक्तित्‍व के धनी थे। शिक्षा और अध्‍ययन के क्षेत्र में उनका अभिनव अध्‍याय रहा और राजनीति में उनकी छवि त्‍वरा से भरे ऐसे राजनेता की थी जो निज़ाम बदलने का माद्दा रखते हुए हुकूमत से लड़ने से भी नहीं कतराता था।