जापान

चीन की मनमानी हरकतों पर लगाम लगाएगा क्वाड, भारत भी है शामिल

चीन के आक्रामक रवैये के खिलाफ अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच ‘क्वैड’ (क्वाड्रिलेटरल सिक्योरिटी डायलाग) नाम का गठबंधन ठोस आकार लेने लगा है।

सामाजिक-आर्थिक प्रगति को बुलेट ट्रेन से मिलेगी रफ्तार

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अहमदाबाद में मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल (एमएएचएसआर) परियोजना की आधारशिला रखी। इसके साथ ही भारत 20 देशों के एक खास समूह में शामिल हो गया। यह परियोजना लोगों के लिए सुरक्षा, गति और बेहतर सेवा के एक नये युग का सूत्रपात करेगी। माना जा रहा है कि विश्व में तीसरा सबसे लंबा नेटवर्क होने का फायदा उठाते हुए भारतीय

‘बुलेट ट्रेन का विरोध वैसे ही है, जैसे राजधानी एक्सप्रेस और मेट्रो का हुआ था’

वामपंथी सोच वाले नेता-बुद्धिजीवी भले ही उदारीकरण-भूमंडलीकरण की नीतियों का विरोध करें लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं कि इसने देश की तस्‍वीर बदल दी। कारोबारी सोच, शॉपिंग मॉल, ब्रांडेड सामान, कार, बस, बाइक के नए-नए मॉडल, हाईवे, शानदार होटल, हर हाथ में मोबाइल, चमचमाते हवाई अड्डे उदारीकरण की ही देन हैं। दुर्भाग्‍यवश देश की धमनी मानी जाने वाली रेल की हालत में बदलाव होना अभी बाकी

भारत-जापान के बीच बढ़ रही नजदीकी से परेशान चीन

भारत और जापान के सम्बन्ध शुरू से अच्छे रहे हैं। जापान में बौद्ध धर्म का व्यापक प्रभाव होने के कारण दोनों देशों के बीच संबंधों में और भी प्रगाढ़ता आई है। भारत की आजादी के लिये किये जा रहे संघर्ष में भी जापान की शाही सेना ने सुभाष चंद्र बोस की मदद की थी। आजादी मिलने के बाद से दोनों देशों के बीच सौहाद्र्पूर्ण संबंध रहे हैं, जबकि भारत और जापान दोनों देशों के चीन के साथ कमोबेश तल्खी वाले रिश्ते रहे हैं। इस

भारत के विकास की गति को और अधिक रफ़्तार देगा जापान का ये साथ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 दिवसीय जापान यात्रा पर हैं। मोदी के इस दौरे के दौरान दोनों देशों द्वारा असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस करार के बाद भारत को जापान से परमाणु बिजली प्लांट की स्थापना, जरूरी ईंधन, उपकरण और तकनीक आदि मिलने का रास्ता खुला है। दोनों देशों के बीच इस समझौते पर बातचीत का दौर लंबे समय से चल रहा था। पिछले साल जब जापान के प्रधानमंत्री भारत

राष्ट्र-प्रथम: अगर जापान पर बुद्ध ने भी आक्रमण कर दिया तो राष्ट्रहित में युद्ध को तैयार हैं जापानी बच्चे!

स्विट्जरलैंड की 77 प्रतिशत आबादी ने सरकार द्वारा प्रस्तावित भारी-भरकम राशि (लगभग 1,75000 वयस्कों तथा 45000 अवयस्कों के लिए) लेने से मना कर दिया! अमेरिका ने अपनी मानवाधिकारवादी एवं लोकतांत्रिक छवि को दाँव पर लगा 9/11 की घटना को अंजाम देने वाले समुदाय के लिए कठोर जाँच-प्रक्रिया की पद्धत्ति अपनाई और वहाँ के नागरिकों ने इसके विरुद्ध कोई ह-हल्ला नहीं हुआ।