निर्मला सीतारमण

बजट 2019 : गांवों की तस्‍वीर बदलने की कवायद

भारतीय राजनीति की विडंबना रही कि यहां आजादी के बाद से ही खेती-किसानी के नाम पर राजनीति हुई, लेकिन गांवों की दशा में अपेक्षित सुधार नहीं आया। सरकारों ने वोट तो ग्रामीण विकास के नाम पर मांगा लेकिन विकास किया शहरों का। इसका नतीजा यह निकला कि शहर और गांव के बीच खाई बढ़ती गई।

‘निर्मला सीतारमण ने बजट को भारतीय परम्पराओं से जोड़ने की एक कामयाब कोशिश की है’

निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने के साथ देश में वर्षों पुरानी एक परंपरा को भी तोड़ डाला। अंग्रेजों के समय से तत्कालीन वित्त मंत्री चमड़े के ब्रीफकेस में बजट दस्तावेज लेकर पहुंचते थे। मगर निर्मला सीतारमण लाल मखमली कपड़े में बजट दस्तावेजों को रख कर संसद पहुंचीं।

समावेशी विकास को बढ़ावा देने वाला बजट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया। वे पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने बजट पेश किया है। इसके पहले वर्ष 1970 में श्रीमती इंदिरा गांधी ने वित्त मंत्री के रूप में बजट पेश किया था। लेकिन तब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री भी थीं, ऐसे में पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ही मानी जाएंगी।

राफेल पर द हिन्दू के ‘अर्धसत्य’ को लेकर उछल रही कांग्रेस फिर औंधे मुंह गिरी है!

चुनाव का मौसम भी काफी दिलचस्प होता है, जिसमें विरोधी एकदूसरे पर हमला करने के छोटे से छोटे मौके की ताक में रहते हैं। यह खबर आम है कि कांग्रेस राफ़ेल की खरीद को लेकर नित नए इल्ज़ाम लगाने की ताक में रहती है, भले ही उसके लिए झूठ का ही सहारा क्यों न लेना पड़े।  लेकिन मज़ेदार बात यह है कि झूठ पकड़े जाने के बाद भी कांग्रेस झूठ बोलना नहीं छोड़ती, जाने क्यों उसे लगता है कि जनता उसके द्वारा छोड़े जा रहे शिगूफे को गंभीरता से भी लेती है।

राहुल का लगातार फजीहत के बावजूद राफेल-राफेल करना चुनावी मजबूरी के सिवा कुछ नहीं

पिछले दिनों संसद में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने राफेल रक्षा सौदों पर सरकार के पक्ष को बखूबी उजागर कर कांग्रेस के झूठ को बेनकाब कर दिया। कांग्रेस की तरफ से फैलाए गए झूठ को खरीदने और बेचने वालों को इसके बाद समझ नहीं आ रहा कि झूठ के किस सिरे को पकड़ा जाए और किस सिरे को छोड़ दिया जाए। लेकिन राहुल हैं कि राफेल पर फैलाये जा रहे असत्य से

विकास के लिए ‘स्पीड बूस्टर’ साबित होगा ये मंत्रिमंडल विस्तार

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 2 साल से भी कम समय बच गये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चुनाव में जीत को सुनिश्चित करना चाहते हैं और यह जीत वे तभी हासिल कर सकते हैं जब सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य किये जायें। इसलिये ताजे फेरबदल में कुछ नए एवं ऊर्जावान सिपहसालारों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, क्योंकि सकारात्मक दृष्टि के साथ 24 घंटे एवं 365 दिन लक्ष्य को हासिल करने के लिये गतिशील रहने वाले मंत्री

निर्मला सीतारमण के रक्षा मंत्री बनने का मतलब

केंद्र की सत्ता संभालने के बाद देश के विकास में महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कई सकारात्मक कदम उठाए। ग्रामीण महिलाओं को परेशानियों से निजात दिलाने हेतु उज्ज्वला योजना की शुरूआत की गई और महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्यक्रमों को धरातल पर उतारा गया। महिलाओं को सशक्त करने की ओर बढ़ रहे कदमों के क्रम में ही एक बड़ा कदम मोदी सरकार की कैबिनेट में