नीति आयोग

नीति आयोग की बैठक में योगी के सार्थक प्रस्ताव

नीति  आयोग के माध्यम से राज्यों के बीच विकास की स्वस्थ प्रतिद्वंदिता प्रारंभ करने की कल्पना की गई थी। योगी ने इसे चरितार्थ किया। उन्हीं की तरह अनेक मुख्यमंत्री भी इस दिशा में बेहतर कार्य करने में सफल रहे। वहीं जिनको विकास की अपेक्षा वोटबैंक की सियासत ज्यादा पसंद थी, वह उसी में उलझे रहे।

आकांक्षी जिला कार्यक्रम : मोदी राज में अति पिछड़े जिलों में भी पहुँच रही विकास की रोशनी

देश के सर्वागीण विकास और 2022 तक न्‍यू इंडिया के ख्‍वाब को हकीकत में बदलने के लिए मोदी सरकार ने देश के 115 सबसे पिछड़े जिलों में 5 जनवरी 2018 को आकांक्षी जिला कार्यक्रय (एस्‍पीरेशनल डिस्‍ट्रिक्‍ट प्रोग्राम या एडीपी) शुरू किया।

नए भारत के निर्माण का रोडमैप है नीति आयोग का रणनीतिक दस्तावेज़

नीति आयोग ने अपने रणनीतिक दस्तावेज में 2022-23 तक हर साल 8 प्रतिशत वृद्धि दर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। आयोग चाहता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को 4 लाख करोड़ डॉलर का बनाया जाये और सरकार 8 प्रतिशत की जगह सीधे 9 प्रतिशत के विकास दर को पाने के लिये कोशिश करे।  

प्रधानमंत्री मोदी के न्यू इंडिया को साकार करने के लिए नीति आयोग ने कसी कमर !

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यू इंडिया के निर्माण में आगमी पांच वर्षों को बहुत अहम बताया था। यह स्पष्ट हो रहा है कि नीति आयोग ने इसके लिए कमर कस ली है। न्यू इंडिया का रोडमैप सामने है। नीति आयोग ने 2022 का विजन डॉक्यूमेंट जारी किया है। इस समयसीमा में देश को गरीबी, गन्दगी, भ्र्ष्टाचार आतंकवाद, जातिवाद और सम्प्रदायवाद से मुक्त कर देने का लक्ष्य है। इसका मतलब है कि न्यू इंडिया में ये कमजोरियां नहीं

2022 तक ब्रिटेन से भी बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत !

आईएमएफ की ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की दिग्‍गज अर्थव्यवस्थाओं के खराब दौर में भी भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था तेजी से आगे बढ़ रही है। इस रिपोर्ट के मुताबिक भारत आने वाले पाँच सालों में दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन जायेगा। वर्तमान में यह स्थान जर्मनी को हासिल है। भारत का स्थान अभी

न्यू इंडिया के लक्ष्य को साकार करने के लिए ये है मोदी सरकार की कार्ययोजना

केंद्र सरकार की योजनाओं की सफलता का एक प्रमुख आधार यह होता है कि उसमें राज्य सरकारें कितना सहयोग कर रही हैं। अब केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार हो, तब तो स्वाभाविक रूप से सहयोग की स्थिति कायम हो जाती है। लेकिन, विपक्षी दलों की किसी राज्य सरकार द्वारा केंद्र सरकार के साथ सहयोगात्मक सम्बन्ध दुर्लभ रूप से ही दिखाई देते हैं। आमतौर पर विपक्षी दलों वाली