पीयूष गोयल

इस बजट ने आम आदमी का दिल तो जीता ही है, विपक्ष की राजनीति भी ध्वस्त कर दी है!

विपक्ष भले ही वर्तमान सरकार के इस आखिरी बजट को चुनावी बजट कहे और कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल के बजट भाषण को चुनावी भाषण की संज्ञा दे, लेकिन सच तो यह है कि इस आम बजट ने अपने नाम के अनुरूप देश के आम आदमी के दिल को जीत लिया है। जैसा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘यह सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी, सर्वोत्कर्ष को समर्पित एक ऐसा बजट है’ निस्संदेह ये बजट भारत के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के सपने जगाता है।

देश के अन्नदाता की समस्याओं को दूर करने वाला सर्वसमावेशी बजट

अंतरिम बजट में किसानों को अधिकतम लाभ देने की कोशिश की गई है। मनरेगा के लिये  2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिये वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे गाँवों को निकट के शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

जीएसटी के इन नए बदलावों से छोटे कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को बेहतर बनाने के लिये सरकार लगातार कोशिश कर रही है। इस क्रम में सरकार जीएसटी के 28 प्रतिशत कर के स्लैब को खत्म करना चाहती है। साथ ही  वह 12 एवं 18 प्रतिशत के स्लैब को मिलाकर एक करना चाहती है। इस आलोक में केंद्र सरकार राज्यों से चर्चा कर रही है। मौजूदा समय में जीएसटी के 28 प्रतिशत के स्लैब में 37 उत्पाद हैं, जिन्हें

विकास के लिए ‘स्पीड बूस्टर’ साबित होगा ये मंत्रिमंडल विस्तार

वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 2 साल से भी कम समय बच गये हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस चुनाव में जीत को सुनिश्चित करना चाहते हैं और यह जीत वे तभी हासिल कर सकते हैं जब सभी क्षेत्रों में बेहतर कार्य किये जायें। इसलिये ताजे फेरबदल में कुछ नए एवं ऊर्जावान सिपहसालारों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है, क्योंकि सकारात्मक दृष्टि के साथ 24 घंटे एवं 365 दिन लक्ष्य को हासिल करने के लिये गतिशील रहने वाले मंत्री