प्रधानमंत्री मोदी

नरेंद्र मोदी : परिश्रम, पुरुषार्थ, त्याग और सेवा का दुर्लभ दृष्टांत प्रस्तुत करने वाले राजनेता

नरेंद्र मोदी जब कहते हैं कि राजनीति उनके लिए सत्ता व सुविधा की मंजिल नहीं, सेवा का माध्यम रही है तो उनका यह वक्तव्य अतिरेकी या अविश्वसनीय नहीं लगता। 

भारतनेट योजना: ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से गाँवों के जुड़ने से ग्रामीण विकास को मिलेगी गति

15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने 6 लाख गांवों को 1,000 दिनों के अंदर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ने की बात कही।

मिशन कर्मयोगी : प्रशासनिक सुधारों की दिशा में मोदी सरकार की क्रांतिकारी पहल

सिविल सेवा में भर्ती के बाद की प्रक्रिया में किए गए सुधारों की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है, इससे निश्चित रूप से सिविल सेवा में रत कार्मिकों की व्यक्तिगत दक्षता बढ़ने के साथ-साथ संस्थागत विकास भी सुनिश्चित हो सकेगा।

देश के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी कदम सिद्ध होगा नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, भारत के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति लेकर आएगा। वर्तमान स्वास्थ्य सेवाओं को अगले लेबल तक ले जाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है।

राम मंदिर : भूमि-पूजन पर विपक्ष का बेमतलब बवाल

राजनीति तोड़ती है, जबकि संस्कृति जोड़ती है। इसमें  किसी को कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि राम मंदिर राजनीतिक नहीं, अपितु एक सांस्कृतिक मुद्दा है।

कोरोना काल में तो कम से कम अपनी नफरत की राजनीति छोड़ें ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी की सरकार एकमात्र ऐसी सरकार है, जिसने कोरोना काल में अपनी राजनीति को सर्वोपरि रखा और जनता को उसके हाल पर छोड़ दिया।

भारत-चीन प्रकरण: विदेश नीति के मामले में तो अपनी अपरिपक्व बयानबाजी से बाज आएं राहुल गांधी

घरेलू राजनीति में अपरिक्‍वता का परिचय देने वाले राहुल गांधी जिस तरह विदेशी मामलों में राजनीतिक लाभ के लिए गलतबयानी कर रहे हैं, वह देश के लिए घातक है।

नीति आयोग की बैठक में योगी के सार्थक प्रस्ताव

नीति  आयोग के माध्यम से राज्यों के बीच विकास की स्वस्थ प्रतिद्वंदिता प्रारंभ करने की कल्पना की गई थी। योगी ने इसे चरितार्थ किया। उन्हीं की तरह अनेक मुख्यमंत्री भी इस दिशा में बेहतर कार्य करने में सफल रहे। वहीं जिनको विकास की अपेक्षा वोटबैंक की सियासत ज्यादा पसंद थी, वह उसी में उलझे रहे।

59 मिनट लोन योजना: छोटे उद्यमियों को मजबूती देने की दिशा में सरकार की बड़ी पहल

किसी भी उद्योग को स्‍थापित करने, संचालित करने के लिए विशाल पूंजी की आवश्‍यक्‍ता होती है। यह पूंजी जुटाने के लिए कारोबारी हमेशा जद्दोजहद में रहते हैं। सक्षम निवेशक तो यह पूँजी जुटा लेते हैं, लेकिन नए या साझेदारी में निवेश करने वालों के सामने कर्ज लेने का ही विकल्‍प होता है जिसकी प्रक्रियात्मक जटिलताएं उद्यमियों को हतोत्साहित कर देती हैं।

प्यू सर्वे : अब तक के शासन में लगातार बढ़ी है मोदी की लोकप्रियता !

अमेरिकी थिंक टैंक ‘प्यू’ (PEW) ग्लोबल रिसर्च ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में भारत में स्थापित भाजपा-शासित केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कुछ नए और दिलचस्प आँकड़े सामने रखे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 85 प्रतिशत भारतीयों को अपनी सरकार पर पूरा भरोसा है और 79 प्रतिशत भारतीय वर्तमान समय मे भारतीय लोकतंत्र से संतुष्ट हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2015 के बाद यानी कि मोदी सरकार के केंद्र