बंगाल

कोरोना से लड़ाई में क्यों फेल हो रहे हैं ये चार राज्य ?

महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ – इन चार राज्यों की सरकारों को केंद्र सरकार द्वारा कोरोना के बढ़ते मामलों पर पत्र लिखना पड़ा है।

बंगाल में बह रही बड़े राजनीतिक बदलाव की बयार

बंगाल के चुनावों की तैयारी करने से पहले ममता बनर्जी को देश में हुए ताज़ा चुनाव परिणामों पर नज़र डालनी चाहिए ताकि उन्हें वोटर का मनोविज्ञान समझने में आसानी हो।

बंगाल : ममता की सांप्रदायिक राजनीति पर मोदी की विकासवादी राजनीति पड़ रही भारी

2019 लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद कहना गलत नहीं होगा कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की स्थिति सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिख रही है।

हैदराबाद नगर निगम चुनाव में भाजपा की जीत का संदेश बहुत बड़ा है

हैदराबाद की जनता ने बीजेपी को जीत दिलाकर उसके लिए तेलगू प्रदेश में रास्ता खोल दिया है। बीजेपी को मुख्य विपक्षी पार्टी बनाकर लोगों ने अपना विकल्प ढूंढ लिया है।

अमित शाह के बंगाल दौरे के निहितार्थ

पिछले अनेक चुनावों में हमने देखा है कि अमित शाह ने जब भी कोई चुनावी लक्ष्य तय किया है, तो अधिकांश बार वे कामयाब रहे हैं। अबकी बंगाल की बारी है।

बंगाल की दुर्दशा पर चुप रहिये, क्योंकि यहाँ ममता बनर्जी का ‘सेकुलर शासन’ है!

ममता बनर्जी सरकार के राज में पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा आम होती जा रही है। आए दिन भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं।

कोरोना संकट : मोदी विरोध की अपनी राजनीति में बंगाल को संकट में डाल रहीं ममता

ममता बनर्जी का यह पुराना तरीका है कि जब कोई बड़ी समस्या सुलझाने में आप नाकाम होने लगो तो उसके लिए केंद्र और नरेन्द्र मोदी को बदनाम करना शुरू कर दो। कोरोना का संकट जब दस्तक दे रहा था तो उन्होंने केंद्र द्वारा दी गई चेतावनी को हल्के में लिया, और ऐसा भी कहा कि दिल्ली में हुई हिंसा से ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार लोगों में दहशत फैलाना चाहती है।

कोरोना काल में ममता की संकीर्ण राजनीति का शिकार बंगाल

पूरा विश्व कोरोना के भयंकर संक्रमण के दौर से गुजर रहा है, भारत भी इससे अछूता नहीं है। भारत ने अभी तक अपनी प्रबंधन क्षमता एवं प्रबल इच्छाशक्ति से कोरोना का डटकर मुकाबला किया है तथा यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भारत इस व्याधि को नियंत्रित रखने में काफी हद तक कामयाब भी नजर आ रहा है।

बंगाल में दो तिहाई बहुमत का दावा यूँ ही नहीं कर रहे अमित शाह, इसके पीछे ठोस कारण हैं

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। इसके लिए राजनीतिक दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। राज्‍य की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस और केंद्र में सत्‍तारूढ़ भाजपा के बीच यहां मुख्‍य मुकाबला माना जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बीते रविवार कोलकाता के शहीद मीनार मैदान से एक सभा को संबोधित करते हुए इस अभियान

वर्तमान राजनीति में शरणार्थियों की सारथी साबित हो रही भाजपा

पश्चिम बंगाल की सुषुप्त पड़ी राजनीति में गृहमंत्री और भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह के दौरे ने एक बार फिर उबाल ला दिया है। राजनीतिक सरगर्मी में वृद्धि करते हुए अमित शाह ने शरणार्थियों के प्रति पुनः अपना दृढ़ संकल्प दोहराते हुए कहा कि हर शरणार्थी को नागरिकता देकर रहेंगे चाहे कोई कितना भी सीएए का विरोध करे।