बजट

योगी सरकार ने पेश किया प्रदेश के इतिहास का सबसे बड़ा बजट, युवाओं-गरीबों पर विशेष ध्यान

उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद योगी आदित्यनाथ ने समग्र विकास पर फोकस किया था। इसके अनुरूप उन्होंने माहौल का निर्माण किया, प्रशासनिक मशीनरी को इस दिशा में सक्रिय किया। यही कारण है कि उत्तर प्रदेश को इन तीन वर्षों में रिकार्ड निवेश प्रस्ताव मिले, इतना ही नहीं निवेश पर शिलान्यास का भी रिकार्ड कायम हो गया। तीन एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य जारी

एनबीएफसी को मजबूत करने की कवायद

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने अनुमान जताया है कि गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) की नकदी की समस्या जल्दी ही खत्म हो जायेगी, क्योंकि केंद्रीय बैंक, बैंकिंग प्रणाली में भारी मात्रा में पूंजी डाल रहा है। दास के अनुसार मामले में बैंकों के सकारात्मक रुख अपनाने से भी एनबीएफसी पर मंडरा रहा नकदी संकट का खतरा कम होने लगा है। दास ने कहा कि केंद्रीय बैंक शीर्ष 50 एनबीएफसी पर बारीक नजर रख रहा है, ताकि जरूरत पड़ने उन्हें मदद उपलब्ध कराई जा सके।

स्वर्णिम भविष्य के स्वप्न दिखाती नई शिक्षा नीति

बच्चे देश का भविष्य ही नहीं, नींव भी होते हैं और नींव जितनी मजबूत होगी, इमारत उतनी ही बुलंद होगी। इसी सोच के आधार पर नई शिक्षा नीति की रूप रेखा तैयार की गई है। अपनी इस नई शिक्षा नीति को लेकर मोदी सरकार एक बार फिर चर्चा में है। चूंकि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतंत्र में सबको अपनी बात रखने का अधिकार है, तो जाहिर है इसके विरोध में भी स्वर उठना भी स्वाभाविक था और अपेक्षा के अनुरूप स्वर उठे भी।

बैंकिंग क्षेत्र को मजबूती देने में जुटी मोदी सरकार

बैंकिंग क्षेत्र में सख्ती बरतने एवं विविध उपायों को अमल में लाने से फंसे कर्ज की वसूली में तेजी आई है। एनपीए की राशि में 1 लाख करोड़ रूपये की कमी आई है। बैंकों में विगत 4 सालों में 4 लाख करोड़ रूपये की वसूली हुई है, जिससे खस्ताहाल बैंकिंग क्षेत्र को काफी राहत मिली है।

किसानों की तकदीर बदलने वाला है ये बजट

किसानों की समस्या को दूर करने एवं कृषि से जुड़ी परेशानियों को कम करने के लियेकेंद्रीय बजट 2019-20 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनाने की घोषणा की गई है,जिसके तहत छोटे और सीमांत किसानों को एक सुनिश्चित आय सहायता के रूप में दी जायेगी।

देश के अन्नदाता की समस्याओं को दूर करने वाला सर्वसमावेशी बजट

अंतरिम बजट में किसानों को अधिकतम लाभ देने की कोशिश की गई है। मनरेगा के लिये  2019-20 में 60,000 करोड़ रुपये आवंटित करने की घोषणा की गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के लिये वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जिससे गाँवों को निकट के शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी।

विकास की योजनाओं को जमीन पर साकार करने वाला है योगी सरकार का बजट !

योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास की जो रणनीति बनाई है, बजट के माध्यम से उसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की दिशा में एक ठोस कदम भी बढ़ा दिया है। इन्वेस्टर समिट से लेकर केंद्र की योजनाओं को प्रदेश में लागू करना योगी सरकार की प्राथमिकता में रहा है। पिछले दस महीने में सरकार ने इसी दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। अब सरकार ने किसान, कृषि, गांव, फसल खरीद केंद्र, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ सेवाएं, शिक्षा, निवेश, उद्योग आदि सभी क्षेत्रों की बेहतरी के प्रस्ताव अपने बजट में किये गए हैं।

मोदी केयर : गरीबी उन्मूलन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी ये योजना

अब तक की सरकारें गरीबों को दान-दक्षिणा वाली योजनाओं में उलझाए रखती थीं ताकि वोट बैंक की राजनीति पर आंच न आए। यही कारण है कि गरीबी उन्‍मूलन की सैकड़ों योजनाओं और लाखों करोड़ रूपये खर्च करने के बावजूद गरीबों की तादाद में अपेक्षित कमी नहीं आई। मोदी सरकार इन सबसे अलग है, क्‍योंकि वह गरीबों को समर्थ बना रही है ताकि वे उदारीकृत अर्थव्‍यवस्‍था में अपनी भागीदारी सुनिश्‍चित कर सकें।

नए भारत के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने वाला बजट

आर्थिक समीक्षा आने के पश्चात् यह अंदाज़ा हो गया था कि वित्त मंत्री अरूण जेटली राजनीतिक लाभ-हानि से परे दूरगामी हितों पर आधारित एक विकासोन्मुखी बज़ट प्रस्तुत करेंगे, जिसमें गाँव, कृषि और रोजगार पर ज्यादा फोकस रहेगा। हुआ भी ऐसा ही, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 2018-19 के आम बजट में ग्रामीण विकास, ग्रामीण रोजगार और स्वास्थ्य को लेकर कई अहम योजनाओं की घोषणाएं की जो आगामी वर्षों में किसान और ग्रामीण जनता के जीवन में सकरात्मक बदलाव ला सकती हैं।

बजट 2018 : देश के सर्वांगीण विकास को समर्पित मोदी सरकार का साहसिक बजट !

मोदी सरकार ने वर्ष 2018 का वार्षिक और अपने कार्यकाल का अंतिम पूर्णकालीन बजट गत 1 फरवी को सदन में पेश किया। इस बजट में यूँ तो सबसे अधिक महत्व् ‘कृषि’ व् ‘स्वास्थ्य’ से जुड़े विषयों को दिया गया है, लेकिन अन्य क्षेत्रों की भी इसमें अनदेखी नहीं की गयी है। चुनाव से पूर्व सरकारों द्वारा प्रायः लोकलुभावन बजट पेश किया जाता है, लेकिन यह बजट मोदी सरकार ने लोकलुभावन घोषणाओं की बजाय दूरगामी हितों