बाबा साहब

बाबा साहब की उपेक्षा करने वाली कांग्रेस रामनाथ कोविंद को भला कैसे स्वीकार कर सकती है !

कल यानी सोमवार 19 जून को जब भारत के अगले राष्ट्रपति के चुनाव के लिए राजग की ओर से बिहार के मौजूदा राज्यपाल रामनाथ कोविंद जी को उम्मीदवार घोषित किया गया, तब से विपक्षी पार्टियां खासकर कांग्रेस और वामपंथी दल सन्नाटे में आ गए हैं। दरअसल यह रामनाथ कोविंद अथवा भाजपा-संघ का विरोध नहीं है, यह एक सामंतवादी मानसिकता है जो समय-समय पर उभर कर सामने आती है, उसका स्वरूप अलग