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कोरोना से लड़ाई में क्यों फेल हो रहे हैं ये चार राज्य ?

महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ – इन चार राज्यों की सरकारों को केंद्र सरकार द्वारा कोरोना के बढ़ते मामलों पर पत्र लिखना पड़ा है।

कोरोना वैक्सीन पर अखिलेश यादव का बयान दुर्भाग्यपूर्ण तो है ही, आपत्तिजनक भी है

कोरोना महामारी से लेकर उसकी वैक्सीन तक भारतीय राजनीति में विपक्षी दलों ने विरोध के लिए विरोध की जो राजनीति की है, वो शर्मनाक और निंदनीय है।

किसानों के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

देश के 9 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में करीब 18 हजार करोड़ रुपए सीधे जमा किए गए। यह काम हर बार की तरह, इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया।

भारत को भारत की दृष्टि से देखने-समझने और समझाने वाले अनूठे राजनेता थे अटल जी

अटल जी सही मायनों में आधुनिक भारत के शिल्पी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में भारतवर्ष के विकास की आधारशिला रखी और आर्थिक उन्नति की सुदृढ़ नींव खड़ी की।

बंगाल में बह रही बड़े राजनीतिक बदलाव की बयार

बंगाल के चुनावों की तैयारी करने से पहले ममता बनर्जी को देश में हुए ताज़ा चुनाव परिणामों पर नज़र डालनी चाहिए ताकि उन्हें वोटर का मनोविज्ञान समझने में आसानी हो।

कम्युनिस्ट से टीएमसी तक : पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा के उत्तरदायी घटक

जो बंगाल कला-संस्कृति की समृद्ध विरासत के लिए पूरी दुनिया में विख्यात रहा है, वह आज हिंसा, रक्तपात, राजनीतिक हत्याओं के लिए जाना-पहचाना जाने लगा है।

माधव गोविंद वैद्य : समाज एवं राष्ट्र को समर्पित जीवन

माधव गोविंद वैद्य उपाख्य बाबूराव जी वैद्य प्रचारक श्रेणी के ही गृहस्थ कार्यकर्त्ता थे। वैसे भी आद्य सरसंघचालक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार संघ को ऐसे तपोनिष्ठ गृहस्थ कार्यकर्त्ताओं का ही संगठन मानते थे।

कृषि कानून की प्रतियां फाड़कर किसान आंदोलन को भुनाने की व्‍यर्थ कोशिश करते केजरीवाल

केजरीवाल को यदि वास्‍तव में अवाम की चिंता होती तो वे सबसे पहले इस कथित आंदोलन को खत्‍म कराने की पहल करते ना कि यहां अपनी नफरत की राजनीति का अवसर तलाशते।

केरल : पलक्कड़ नगरपालिका में भाजपा की जीत के संकेत बहुत व्यापक हैं

वामपंथ अपने ही गढ़ में हाँफता हुआ तब दिखा, जब उसके मेयर के उम्मीदवार को बीजेपी के एक साधारण से कार्यकर्त्ता ने पराजित कर दिया।

बंगाल : ममता की सांप्रदायिक राजनीति पर मोदी की विकासवादी राजनीति पड़ रही भारी

2019 लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद कहना गलत नहीं होगा कि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की स्थिति सबसे बड़ी पार्टी के रूप में दिख रही है।