भारत

स्वामी विवेकानंद : भारत का भारत से साक्षात्कार कराने वाले युगद्रष्टा संत

आदि शंकराचार्य ने संपूर्ण भारतवर्ष को सांस्कृतिक एकता के मज़बूत सूत्र में पिरोया, वहीं स्वामी विवेकानंद ने आधुनिक भारत को उसके स्वत्व एवं गौरव का बोध कराया।

कोरोना से लड़ाई में भारत का उम्दा प्रदर्शन

एक तरफ, भारत में कोरोना वायरस के आक्रमण की धार कुंद पड़ गई है, तो दूसरी तरफ भारत ने कोरोना वायरस का टीका आम लोगों को लगाने की तैयारी भी पूरी कर ली है।

भारत और भारतवासियों की अपराजेय दृढ़ता, जीवटता एवं संघर्षशीलता का साल रहा 2020

सीमित पूँजी-संसाधनों वाले अंतर्बाह्य चुनौतियों से घिरे देश- भारत का कोविड से दृढ़ता एवं सफलता से लड़ना अद्भुत, असाधारण, अभूतपूर्व एवं ऐतिहासिक है। 

मोदी सरकार के आर्थिक सुधार कार्यक्रमों का दिखने लगा है व्यापक असर

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने भी कहा है कि देश में आर्थिक सुधार कार्यक्रमों को जारी रखा जाएगा ताकि विदेशी निवेशक भारत की ओर अपना रूख बनाए रख सकें।

भारत को भारत की दृष्टि से देखने-समझने और समझाने वाले अनूठे राजनेता थे अटल जी

अटल जी सही मायनों में आधुनिक भारत के शिल्पी थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में भारतवर्ष के विकास की आधारशिला रखी और आर्थिक उन्नति की सुदृढ़ नींव खड़ी की।

माधव गोविंद वैद्य : समाज एवं राष्ट्र को समर्पित जीवन

माधव गोविंद वैद्य उपाख्य बाबूराव जी वैद्य प्रचारक श्रेणी के ही गृहस्थ कार्यकर्त्ता थे। वैसे भी आद्य सरसंघचालक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार संघ को ऐसे तपोनिष्ठ गृहस्थ कार्यकर्त्ताओं का ही संगठन मानते थे।

भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरवशाली कीर्तिस्तंभ होगा नया संसद भवन

नया संसद-भवन भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का गौरवशाली कीर्त्तिस्तंभ है, मील का पत्थर है। यह राष्ट्र के मस्तक का रत्नजड़ित मान-मुकुट है।

मुक्‍त व्‍यापार को भारतीय हितों के अनुकूल ढाल रही है मोदी सरकार

मोदी सरकार मुक्‍त व्‍यापार नीतियों को इस तरह तर्कसंगत बना रही है ताकि वे भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था के लिए फायदे का सौदा बनें।

ये तथ्य बताते हैं कि जलवायु परिवर्तन के संकट के विरुद्ध विश्व का नेतृत्व भारत ही कर सकता है

जलवायु परिवर्तन के विरुद्ध लड़ाई में भारत ने पूरे विश्व को दिखा दिया है कि एमिशन के स्तर को कम करने के लिए किस प्रकार आगे बढ़ा जा  सकता है।

भारत की विशेषता है अनेकता में एकता

हम एक सांस्कृतिक राष्ट्र हैं, जो आज से नहीं हज़ारों वर्षों से चलते चले आ रहे हैं। भारत दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से इकलौती ऐसी सभ्यता है जो आज भी  मूल रूप में अपने अस्तित्व में है।