मनरेगा

मोदी सरकार की नीतियों से भारत में वित्तीय समावेशन को मिल रही गति

केंद्र में वर्तमान मोदी सरकार के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से तो वित्तीय समावेशन के कार्यान्वयन में बहुत अधिक सुधार देखने में आया है।

कोरोना संकट से उबरकर तेजी से पटरी पर लौटती भारतीय अर्थव्यवस्था

कई अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्थान भारत के सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2021-22 में 9 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि की सम्भावनाएँ व्यक्त कर रहे हैं।

‘कोरोना से लड़ाई में सरकार ने जो फाइटिंग-स्पिरिट दिखाई है, वो खुद में एक मिसाल है’

केंद्र सरकार ने इस आपदा-काल में योजनाओं और नीतियों के समन्वय और जनता से मिले सहयोग से एक उदाहरण प्रस्तुत किया है कि हम कोरोना जैसी आपदा से कैसे लड़ें।

गेम चेंजर साबित हो सकता है गरीब कल्याण रोजगार अभियान

इस योजना से न केवल गाँवों से शहरों की ओर हो रहे मज़दूरों के पलायन को रोका जा सकेगा बल्कि इस क़दम से ग्रामीण विकास को भी गति मिलेगी।

अब जल शक्ति घर लौटे कामगारों का बनेगा आधार

इससे राज्‍यों की पेय जल की समस्‍या का हल भी निकाला जा सकेगा, साथ ही घर वापस गए कामगारों को रोजगार भी दिया जा सकेगा।

मोदी सरकार की इन योजनाओं से ख़त्म होगी बेरोजगारी !

‘मेक इन इंडिया’ का सपना साकार करने के लिए ‘स्टार्ट अप इंडिया’ की जरूरत है। प्रधानमंत्री इस योजना की मदद से देश की अर्थव्यवस्था में मजबूती, रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी, विकास दर में इजाफा आदि लाना चाहते हैं। यह योजना उन लोगों के लिए है जो अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, लेकिन देश में अनुकूल माहौल नहीं होने या कारोबार शुरू करने में आने वाली बाधाओं को