ममता बनर्जी

बंगाल को हिंसा की आग में धकेल ममता किस मुंह से लोकतंत्र की बात करती हैं?

क्या पश्चिम बंगाल की स्थिति आज से 20 साल पहले कश्मीर वाली हो गई है? राज्य में एक पूर्ण बहुमत की सरकार होते हुए भी बंगाल के मौजूदा हालात बद से बदतर हो रहे हैं, जिसकी पूरी ज़िम्मेदारी वहां की राज्य सरकार पर जाती है। ममता बनर्जी के मुख्यमंत्री होते हुए राज्य में अत्याचार और अनाचार बहुत बढ़ गए हैं

‘हिंसा की राजनीति से ममता ने जो किला बनाया था, अब उसमे लोकतंत्र की सेंधमारी हो गयी है’

इन दिनों पश्चिम बंगाल देश की राजनीति में सुर्खियों का केंद्र बना हुआ है। इसके मूल में हैं यहां की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी और लोकसभा में जमीन खिसकने के बाद बढ़ चुकी उनकी बौखलाहट। उन्‍होंने जिस नफरत और हिंसा की राजनीति से बंगाल का अपना किला बनाया था, अब उसमें लोकतंत्र की सेंधमारी हो गई है। वह किला अब दरक रहा है और इससे ममता का गुस्‍सा दिनोदिन भड़कने लगा है। असल में, लोकसभा चुनाव से पहले ही ममता को आभास हो गया था कि अब यहां की जनता बदलाव

मिशन शक्ति: ‘देश अंतरिक्ष की महाशक्ति बन गया और विपक्ष मीनमेख निकालने में लगा है’

भारत ने अंतरिक्ष में मौजूद लो अर्थ सैटेलाइट यानी एलईओ को नष्‍ट कर दिया। ऐसा करने वाले देश अमेरिका, रूस और चीन थे और अब भारत भी इस विशेष समूह में शामिल हो गया है। निश्चित ही सभी देशवासियों के लिए बहुत गर्व का विषय है। इस उपलब्धि के साथ ही देश अमेरिका, रूस और चीन के बाद अंतरिक्ष की चौथी महाशक्ति बन गया है।

एयर स्ट्राइक : जो भाषा पाकिस्तान बोल रहा, वही हमारे विपक्षी नेता भी बोल रहे हैं!

भारत की एयर स्ट्राइक की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी। पाकिस्तान में भी हड़कंप मचा। शीर्ष कमांडरों की लगातार बैठक चली। प्रधानमंत्री इमरान  पर भारी दबाब पड़ रहा था। यही कारण था कि पाकिस्तान ने भारत पर हमले के लिए एफ-16 लड़ाकू विमान भेजा था। पाकिस्तान के कई आतंकी सरगना भी  हमले का रोना रो रहे थे।

महागठबंधन: हर हप्ते बदल रहा विपक्ष का प्रधानमंत्री उम्मीदवार

चुनाव से पहले देश की राजनीति बहुत हो रोचक दौर में प्रवेश कर गई है। विपक्षी गठबंधन का आलम यह है कि विपक्ष की तरफ से हर हफ्ते प्रधानमंत्री पद के नए दावेदार सामने आ रहे हैं। आज उन्हीं नामों की चर्चा जो प्रधानमंत्री पद की रेस में बने हुए हैं।कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी है (संसद में वैसे कांग्रेस को विपक्षी दल का स्टेटस हासिल नहीं है), जिसके अध्यक्ष राहुल गाँधी पिछले कई सालों से प्रधानमंत्री पद की दौड़ में लगातार बने हुए हैं।

राजीव कुमार प्रकरण: ‘हर कोई चाहेगा कि उसके विरोधियों को भी ममता बनर्जी जैसी जीत मिले’

मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही ममता बनर्जी  का भाजपा के प्रति अत्यधिक विरोधी रुख कोई छिपी बात नहीं है। लेकिन जैसे-जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आता जा रहा और बंगाल में भाजपा की धमक तेज होने लगी है, वैसे-वैसे ममता का विरोध लोकतंत्र की सभी मर्यादाओं को तोड़ते हुए उग्र से उग्रतर होता जा रहा है। इसी विरोध का एक उदाहरण गत दिनों

बंगाल : मोदी की रैली में दिखी भाजपा की बढ़ती धमक, बढ़ रही ममता की बेचैनी

पिछले कुछ महीने से पश्चिम बंगाल में सत्ता पक्ष द्वारा एक ख़ास तरह की घिनौनी राजनीति चल रही है कि विपक्षी पार्टियों को वहाँ रैली ही नहीं करने दो, उनके कार्यकर्ताओं पर हमले करो। ऐसा कुछ पश्चिम बंगाल में कम्युनिस्ट पार्टी करती थी, लेकिन मिट्टी और मानुष की सौगंध लेने वाली ममता बनर्जी भी अब लोगों के साथ छल कर रही हैं। बंगाल में विपक्षी कार्यकर्ताओं के साथ ज्यादती की शिकायत कई बार भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी की है।

क्या देश का नेता बनने का सपना देख रहीं ममता की जमीन पश्चिम बंगाल में ही खिसक रही है?

बीते सप्‍ताह देश की राजनीति में कुछ विचित्र प्रकार की घटनाएं सामने आईं। बीते रविवार पश्चिम बंगाल में समूचा विपक्ष एकजुट हुआ और ममता बनर्जी की अगुवाई में जी भरकर सत्‍ता पक्ष के प्रति विष वमन किया गया। यहां ममता बनर्जी सहित सभी विपक्षियों ने जी भरकर लोकतांत्रिक मूल्‍यों की दुहाई दी लेकिन आश्‍चर्य की बात है कि इन्‍हें स्‍वयं ही लोकतंत्र का वास्‍तविक अर्थ व परिभाषा ज्ञात नहीं है।

महारैली : साबित हुआ कि विपक्षी दलों के पास मोदी विरोध के सिवा और कोई एजेंडा नहीं है!

कोलकाता की विपक्षी महारैली में कहने को लगभग बीस पार्टियों की भागीदारी हुई, लेकिन इनमें से किसी का भी पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्व नहीं है। रैली का पूरा इंतजाम ममता बनर्जी ने अपने लिए किया था। उन्होंने एक तीर से दो निशाने साधने के प्रयास किया। पहला तो वह अपनी पार्टी का चुनाव प्रचार शुरू करना चाहती थीं। इसके लिए भीड़ जुटाई गई। दूसरा, वह

पूरब से पश्चिम तक भाजपा का बुलंद मंसूबा

विपक्षी महागठबंधन की कवायदों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने भी अपना मंसूबा बुलंद कर लिया है। यह बात भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की पहले कलकत्ता की जनसभा और फिर मेरठ में प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के समापन भाषण से जाहिर हुई। पश्चिम बंगाल में भाजपा, कांग्रेस और वामपंथी पार्टियों को पछाड़ कर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है। मतलब यहाँ पार्टी जमीनी स्तर पर मुख्य विपक्षी पार्टी की हैसियत में आ गई है। अमित शाह ने इसी अंदाज में ममता बनर्जी  सरकार पर हमले