मुसलमान

ओवैसी के राम मंदिर विरोध के मूल में मुस्लिम लीग वाली मानसिकता ही कारण है

केंद्र में कांग्रेसी सरकारों का प्रायः समर्थन करने वाला ओवैसी का दल (एआईएमआईएम) भाजपा सरकार के प्रत्येक कार्य पर उंगली उठाता रहा है।

मोदी राज में मुसलमानों के सशक्तिकरण से घबड़ाई कांग्रेस

मोदी सरकार का सर्वाधिक बल मुसलमानों का शैक्षिक पिछड़ापन दूर करने पर है। इसके लिए सरकार मदरसों को आधुनिक बनाने के लिए  थ्री-टी योजना अर्थात टायलेट, टिफिन और टीचर पर काम कर रही है। इसके तहत देश भर के मदरसों में एक लाख शौचालय बनवाने का लक्ष्‍य रखा गया है

‘नागरिकता संशोधन विधेयक पर तथ्यों से हीन विपक्ष केवल हिन्दूफोबिया फैला रहा है’

भारत में आज एक वर्ग ऐसा है जो सवाल उठा रहा है कि धर्म के आधार पर नागरिकता क्यों दी जा रही है। सवाल है कि क्या इससे मुसलमानों को खतरा पैदा होगा? क्या भारत हिन्दू राष्ट्र बन जाएगा? जवाब एक ही है – नहीं। नागरिकता संशोधन विधेयक एक ऐसा विषय है जिसको लेकर भ्रांतियां ज्यादा फैलाई गई हैं। विपक्ष इसको एक ऐसे मुद्दे के तौर पर पेश करना चाह रहा था कि यह देश के मुसलमानों के विरुद्ध है और वे इसके खिलाफ हैं

तीन तलाक निषेध कानून : मुस्लिम महिलाओं के हितों व अधिकारों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम

मंगलवार का दिन देश की मुस्लिम महिलाओं के लिए अत्यंत मंगलकारी रहा। इस दिन तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार को बड़ी सफलता मिली। लोकसभा के बाद अब यह बिल राज्‍यसभा से भी पारित हो गया है। अब यह कानून की शक्‍ल ले लेगा जिसके तहत तीन तलाक देने वाले पुरुष पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा।

‘राहुल मुसलमानों को यह समझाना चाहते हैं कि कांग्रेस का ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ सिर्फ एक मुलम्मा भर है’

इस देश में मुसलमानों के आर्थिक और सामाजिक पिछड़ेपन के लिए जिम्मेदार कौन है ? अगर आप सड़क पर चलते हुए किसी मुस्लिम शहरी से यह सवाल करें तो सस्वर एक ही नाम आएगा – कांग्रेस पार्टी। क्योंकि आज़ादी के बाद सबसे ज्यादा शासन कांग्रेस का ही रहा है। सालों तक देश में दलितों और मुसलमानों का वोट लेकर सरकार बनाने के बाद अब कांग्रेस के नए अध्यक्ष

अलग मजहबी मुल्क की मांग करने वालों को पाकिस्तान से शरण देने की गुहार लगानी चाहिए !

आये दिन किसी न किसी भाजपा नेता, खासकर गिरिराज सिंह, का हवाला देते हुए राष्ट्रवादियों पर यह आरोप लगता है कि इन्होंने पाकिस्तान भेजने का ठेका ले रखा है। ‘पाकिस्तान चले जाएँ’ का प्रयोग जितना हिदायत के नाते भाजपाइयों ने नहीं किया उससे ज्यादा प्रयोग तो उनसे असहमत होने वालों ने इसे विक्टिम कार्ड के रूप में किया है। मसलन, अकसर देखने को मिलता है कि

श्रीलंका से सीरिया तक दुनिया भर में लड़ क्यों रहे, मुसलमान !

श्रीलंका में शांति प्रिय बौद्ध पीछे पड़ गए हैं मुसलमानों के। श्रीलंका के कैंडी जिले में इस हिंसा की शुरुआत हुई। मुसलमानों पर आरोप लग रहे हैं कि वे सीधे-सरल बौद्ध धर्मावलंबियों को मुसलमान बनाने की मुहिम चला रहे हैं। इससे पहले भारत के एक अन्य पड़ोसी देश म्यांमार में भी बौद्धों ने मुसलमानों को खदेड़ना चालू कर दिया था। रोहिंग्या मुसलमानों पर आतंकवाद में सीधे तौर पर शामिल होने के आरोप हैं। यही नहीं, ये रोहिंग्या

कासगंज हिंसा : वे कौन लोग हैं, जिन्हें भारत में तिरंगा यात्रा भी बर्दाश्त नहीं हो रही !

गत दिनों गणतंत्र दिवस पर जब देश में एकता-अखंडता और बंधुत्व की बातें हो रही थीं, यूपी के एटा जिले के कासगंज इलाके में बाइक से तिरंगा-यात्रा लेकर निकल रहे एबीवीपी और विश्व हिन्दू परिषद् के कार्यकर्ताओं पर कुछ समुदाय विशेष (इनकी हिंसक वारदातों के बाद देश में इन्हें यही कहा जाता है) के लोगों द्वारा हमला कर दिया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गयी। हालांकि थोड़ी देर में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में कर

‘मर्द हैं तो ताक-झांक भी करेंगे, रखनिया भी रखेंगे’

लोकसभा में पेश तीन तलाक संबंधी मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया है। अब उम्मीद है कि ये राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा। यानी अब हर पल तलाक के भय में जीवन व्यतीत करने वाली मुस्लिम औरतें चैन से जिंदगी बसर कर सकेंगी। तीन तलाक को दंडनीय अपराध की श्रेणी में रखते हुए तीन वर्ष तक कारावास और जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस बिल पर चर्चा

रोहिंग्या पर उचित और सराहनीय है केंद्र सरकार का रुख

भारत कभी भी शरणार्थी बनने में पीछे नहीं हटा है; यहूदी, पारसी जैसे कई धर्म यहाँ बसते हैं। लेकिन, राष्ट्रीय सुरक्षा को संकट में डालकर किसीको शरण देना किसी लिहाज से उचित नहीं है। रोहिंग्याओं के प्रति भारत सरकार ने शरण न देने का जो स्पष्ट और सख्त रुख अख्तियार किया है, वो न केवल उचित बल्कि प्रशंसनीय भी है।