यूपी

केंद्र और यूपी सरकार के बीच हुए ‘पॉवर फॉर आल’ समझौते से ख़त्म होगा यूपी का बिजली संकट

सत्‍ता संभालने के बाद मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने जिला मुख्‍यालयों में 24 घंटे, तहसील में 20 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का आदेश दिया। 100 दिनों में 5 लाख नए कनेक्‍शन देने के साथ-साथ जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलने के लिए 48 घटे का समय दिया है। बिजली की मांग-आपूर्ति की खाई को बिडिंग के जरिए बिजली खरीद कर पूरा करने के साथ-साथ प्रदेश के

योगी सरकार के काम की यही रफ़्तार रही तो जल्द ही उत्तर प्रदेश होगा ‘उत्तम प्रदेश’

योगी सरकार जिस गति से काम कर रही है, यदि ऐसे ही करती रही तो वह दिन दूर नहीं जब देश के बीमारू राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश की हालत में बड़ा सुधार आएगा। चूंकि अब योगी के रूप में एक ऐसा व्यक्ति मुख्यमंत्री है, जिस पर जनता को अटूट विश्वास है और योगी की कार्य गति तथा दृढ इच्छाशक्ति दिखाती है कि वे जनता के विश्वास पर शत-प्रतिशत खरा उतरने के

योगी सरकार की कार्यशैली दिखाती है कि यूपी के अच्छे नहीं, बहुत अच्छे दिन आने वाले हैं !

योगी आदित्यनाथ ने चंद दिनों में ही अपनी कार्यशैली से सबको प्रभावित किया है । उन्होंने अब तक जिन बड़ी समस्याओं पर गौर किया है, वह हैं – किसानों की क़र्ज़माफ़ी समेत उनकी अन्य समस्याओं के समाधान की दिशा में कदम उठाना, उत्तर प्रदेश के शिक्षा तंत्र की एक बड़ी समस्या, 10-12वीं की परीक्षा में अब तक होती आई बेतहाशा नक़ल को रोकना ।

योगी सरकार के इन निर्णयों से किसानों के आएंगे अच्छे दिन !

उत्तर प्रदेश की नवनिर्वाचित योगी सरकार की पहली बहुप्रतीक्षित कैबिनेट बैठक मंगलवार को हुई। जैसा कि अनुमान लगाया जा रहा था कि योगी सरकार अपने लोककल्याण संकल्प पत्र में किसानों की ऋण माफ़ी के वादे को पूरा करेगी, वैसा ही हुआ। जाहिर है कि चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पार्टी अध्यक्ष अमित शाह बार–बार इस बात पर जोर दे रहे थे कि अगर यूपी में भाजपा सत्ता में आती है, तो

प्रधानमंत्री मोदी के सुशासन और अमित शाह की रणनीति के आगे चारों खाने चित होते विरोधी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यों ही नहीं आज के दौर के सबसे बड़े नेता हैं। पहले लोकसभा चुनावों में भाजपा को बंपर बहुमत दिलाकर और अब पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद पूर्वोत्तर के मणिपुर, समुद्री राज्य गोवा, पहाड़ी उत्तराखंड और गंगा-यमुना के विशाल मैदान उत्तर प्रदेश को जिस ढंग से उन्होंने भगवा झंडे के नीचे समेटा वह उन्हें देश के सार्वकालिक जन नायकों में शुमार करने के लिए काफी

वे कौन लोग हैं, जिन्हें एंटी रोमियो स्क्वाड से दिक्कत हो रही !

उत्तर प्रदेश में शासन सँभालने के बाद से ही योगी सरकार एक्शन में नज़र आ रही है। भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादे के मुताबिक़ राज्य में एंटी रोमिओ स्क्वाड का गठन कर दिया गया है। अब हर इलाके के थाने में गठित ये विशेष दस्ता सड़कों पर लड़कियों और महिलाओं को छेड़ने, उनपर गलत फब्तियां कसने, लड़कियों के कॉलेज के बाहर मंडराने वाले बदमाशों की सक्रियतापूर्वक धरपकड़ करने लगा है।

मुसलमानों को योगी का झूठा डर दिखाने वालों से सावधान रहने की ज़रूरत

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से जिन्हें प्रदेश में मुसलमानों के लिए संकट दिखाई दे रहा है, वे लोग पूर्वाग्रह से ग्रसित तो हैं ही, भारतीय समाज के लिए भी खतरनाक हैं। उनके पूर्वाग्रह से कहीं अधिक उनका बर्ताव और उनकी विचार प्रक्रिया सामाजिक ताने-बाने के लिए ठीक नहीं है। योगी आदित्यनाथ को मुस्लिम समाज के लिए हौव्वा बनाकर यह लोग उत्तरप्रदेश का सामाजिक

यूपी में योगी राज का मतलब

हरेक फैसले का अपना सांकेतिक महत्व होता है। हरेक संकेत के अपने राजनीतिक निहितार्थ। हरेक राजनीतिक निहितार्थ में भविष्य की तैयारी छुपी होती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य की कमान योगी आदित्यनाथ के हाथ में देकर भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्रभाई दामोदरदास मोदी ने संकेत दे दिए हैं कि भाजपा जड़ों से कभी हटी ही नहीं थी। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ करेगी, लेकिन किसी

ईवीएम पर सवाल उठाने की बजाय हार के कारणों पर आत्ममंथन करें विपक्षी दल

पांच राज्यों में चुनाव संपन्न हो गये हैं और परिणाम भी सबके सामने आ चुके हैं। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भाजपा प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने की तैयारी में है तो वही मणिपुर और गोवा में भाजपा की सरकारें बन चुकी हैं। यानी पंजाब के अलावा अन्य राज्यों के चुनाव में भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया है। स्पष्ट है कि जनता ने केंद्र की मोदी सरकार के लोक कल्याण से जुड़ी योजनाओं व विकासवादी एजेंडे के

भाजपा की यूपी विजय के निहितार्थ को समझें, अंधविरोधी !

वक्तव्य-पूर्व (प्रोलॉग)- एक कथा है। नेपोलियन की। वह एक बार अपने कार्यालय आया, और खूंटी पर अपना कोट टांगना चाहा। खूंटी उसके कद से थोड़ी ऊंची थी। उसके सहायक ने कहा, लाइए सर…मैं टांग देता हूं, आपसे लंबा हूं।’ नेपोलियन ने उसे मुड़कर देखा, मुस्कुराया और कहा- ‘हां, तुम मुझसे लंबे हो, पर ऊंचे नहीं हो।’