योगी आदित्यनाथ

कोरोना काल में योगी सरकार के प्रबंधन की दुनिया भर में हो रही प्रशंसा

टाइम मैगजीन के लेख में यूपी में कोरोना संक्रमण से हुई मौतों पर नियंत्रण और रिकवरी दर में लगातार वृद्धि को लेकर योगी सरकार के प्रयासों की तारीफ की गई है।

योगी आदित्यनाथ : कोविड काल में सुशासन का आदर्श स्थापित करने वाले मुख्यमंत्री

नीतियों, निर्णयों, कार्यों और उनके बेहतर परिणामों के आधार पर योगी आदित्यनाथ को वर्ष 2020 का सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री कहा जाए तो शायद गलत नहीं होगा।

ईडीएफसी : आधुनिक कनेक्टिविटी की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

आज भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत बन रहा है। पिछले छह साल में भारत में आधुनिक कनेक्टविटी के मोर्चे पर शानदार काम हुआ है और हो रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हो रहा भारत की सांस्कृतिक पहचान का पुनरुत्थान

2014 में सत्ता में आने के बाद से ही भारत की सांस्कृतिक पहचान के पुनरुत्थान के क्रम में नरेंद्र मोदी सरकार लगातार प्रयासरत है।

हाथरस मामले में हंगामा मचाने वाले राहुल-प्रियंका करौली की घटना पर मुंह में दही क्यों जमाए हैं ?

यदि राहुल और प्रियंका आम आदमी के इतने ही हिमायती हैं तो वे बलरामपुर और करौली क्‍यों नहीं गए। इस पर उन्‍होंने कोई ट्वीट क्‍यों नहीं किया।

फिल्म सिटी की दिशा में योगी सरकार ने बढ़ाए शुरूआती कदम, फिल्म जगत के दिग्गजों से किया संवाद

निजी जीवन में उनकी फिल्मों में रुचि भले ना हो, लेकिन अपने सामाजिक संवैधानिक दायित्वों के प्रति वह सतत सजग हैं। इसी क्रम में उन्होंने उत्तर प्रदेश में फ़िल्म सिटी निर्माण का निर्णय लिया है।

आत्मनिर्भर भारत : लोकल को ग्लोबल बनाने हेतु प्रयासरत मोदी सरकार

हमारे देश का बहुत बड़ा बाज़ार ही हमारे लिए सबसे बड़ी पूँजी है। केंद्र सरकार बड़ी तेज़ी से देश में कई क्षेत्रों में आर्थिक सुधारों को लागू कर रही है ताकि देश के व्यवसाय को स्थानीय से वैश्विक स्तर तक पहुँचाया जा सके।

‘यह युग प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप नए भारत के निर्माण का है’

5 अगस्‍त, 2020 को भूमिपूजन/शिलान्‍यास न केवल मंदिर का है, वरन एक नए युग का भी है। यह नया युग प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप नए भारत के निर्माण का है।

कोरोना संकट : गरीबों के हितों के साथ-साथ राज्य के विकास को लेकर भी सक्रिय है योगी सरकार

गरीबों-मजदूरों के हितों की चिंता के साथ-साथ योगी राज्य की विकास सम्बन्धी गतिविधियों को लेकर भी सक्रिय हैं। एक्सप्रेस वे व औद्योगिक गलियारे के इस दौरान बाधित हुए कार्य में पुनः तेजी लाने का प्रयास कर रहे हैं।

कोरोना से निपटने में बुरी तरह विफल साबित हो रही ममता सरकार, बदहाली के आंसू रो रहा बंगाल

कोरोना के मसले पर ममता का रुख शुरू से उदासीन रहा है। सवाल है कि ममता बनर्जी को यह बात समझने में क्‍या अड़चन रही होगी कि कोरोना वायरस एक संक्रामक रोग है जो सभी के लिए समान रूप से खतरनाक है।