रोजगार

मोदी सरकार की नीतियों से भारत में वित्तीय समावेशन को मिल रही गति

केंद्र में वर्तमान मोदी सरकार के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से तो वित्तीय समावेशन के कार्यान्वयन में बहुत अधिक सुधार देखने में आया है।

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी : सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में ऐतिहासिक सुधार लाने वाला कदम

राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन का निर्णय मोदी सरकार द्वारा लिए गए अनेक विकास संबंधी निर्णयों की ही एक कड़ी है, जिससे बिना भेदभाव के शहरी व ग्रामीण युवाओं को रोजगार पाने के सुगम अवसर उपलब्ध होंगे।

प्रवासी मजदूरों के लिए संजीवनी सिद्ध हो रहा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान

गरीब कल्याण रोजगार का ऑनलाइन वेब पोर्टल बनाया गया है। यह वेब पोर्टल प्रवासी मजदूरों एवं कामगारों को इस अभियान की जिलावार जानकारी प्रदान करता है।

कोरोना संकट से उबरकर तेजी से पटरी पर लौटती भारतीय अर्थव्यवस्था

कई अंतरराष्ट्रीय वित्त संस्थान भारत के सकल घरेलू उत्पाद में वर्ष 2021-22 में 9 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि की सम्भावनाएँ व्यक्त कर रहे हैं।

योजनाबद्ध ढंग से आपदा को अवसर बनाने में जुटी योगी सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आपदा को अवसर में बदलने का मंसूबा बनाया है। कोरोना से मुकाबले की उनकी कार्ययोजना इसका प्रमाण है।

बजटीय प्रावधानों से बैंक होंगे मजबूत, अर्थव्यवस्था को मिलेगी गति

बैंकों को अर्थव्यवस्था का मूल आधार माना जा सकता है। इन्हें मजबूत किये बिना हम अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने की परिकल्पना नहीं कर सकते हैं। भारत को 2024 तक 5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिये बैंकिंग क्रेडिट को मौजूदा स्तर से दोगुना करना जरूरी है जिस दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

रोजगार पर जुमलेबाजी कर रहे हैं राहुल गांधी

एक ओर कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कांग्रेस की सरकार बनने पर मार्च 2020 तक 22 लाख सरकारी पदों को भरने का चुनावी वादा कर दिया है, तो दूसरी ओर कांग्रेस के घोषणापत्र में हर साल 4 लाख सरकारी नौकरियां देने की बात कही गई है। ऐसे में राहुल गांधी अतिरिक्‍त 18 लाख नौकरियों की बात किस आधार पर कर रहे हैं?

आरबीआई द्वारा रेपो दर में कमी से अर्थव्यवस्था को और अधिक गति मिलने की संभावना

रिजर्व बैंक ने नये गवर्नर की अगुआई में रेपो दर में कटौती करके समीचीन फैसला किया है। अब बारी है बैंकों की। अगर बैंक कर्ज ब्याज दर में कटौती करते हैं तो इसका सीधा फायदा कर्जदारों को मिल सकता है साथ ही साथ इससे रोजगार सृजन में इजाफा तथा अर्थव्यवस्था को भी और अधिक गति मिल सकती है।

मोदी सरकार के प्रयासों से भारत की तरफ आकर्षित हो रहीं बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ

सरकार देश की आर्थिक एवं कारोबारी माहौल में सुधार लाने की कोशिश कर रही है, ताकि बहुराष्ट्रीय कंपनियों का भारत पर भरोसा बढ़ सके। सरकार के प्रयासों के कारण ही कारोबार सुगमता के मामले में भारत ने हाल ही में एक लंबी छलांग लगाई है। फिलवक्त, भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और ग्लोबल इनहाउस इकाइयों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी

ये आंकड़े बताते हैं कि मोदी सरकार की नीतियों से बढ़ रहे रोजगार के अवसर

अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के अनुसार वर्ष 2018 में बेरोजगारी की दर भारत में 3.5 प्रतिशत रहेगी, जबकि चीन में यह 4.8 प्रतिशत होगी। आईएलओ की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 1 से 2 दशकों में भारत के सेवा क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार सृजित हुए हैं। इसके अनुसार भारत, बांग्लादेश, कंबोडिया और नेपाल में असंगठित क्षेत्र में करीब 90 प्रतिशत कामगार हैं, जिसमें