वित्त वर्ष

दिखने लगे हैं आईबीसी क़ानून के सकारात्मक परिणाम

ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं,  हालाँकि, इसका सफर मुश्किलों भरा रहा है। लंबे समय की रणनीति और निरंतर सुधार की परिणति है यह। दूसरे देशों में भी इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन हेतु आईबीसी को लाने में लंबा समय लगा है।

मोदी की सलाह पर शिवराज सरकार ने किया वित्त वर्ष में बदलाव, किसानों को मिलेगा फायदा

मॉनसून के खराब रहने से भारत में अक्सर कुछ इलाक़ों में जून और सितंबर के बीच में सूखा पड़ता है। ऐसे में, अगर वित्तीय वर्ष की तारीख बदलती है, तो नवंबर में पेश होने वाले बजट में, कृषि से जुड़ी ऐसी समस्याओं का ध्यान रखा जा सकता है। उल्लेखनीय होगा कि दुनिया के 156 देशों का वित्तीय वर्ष कैलेंडर 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच ही होता है। साथ ही, वर्ल्ड बैंक और इंटरनेशनल मोनेट्री