संकल्प-पत्र

भाजपा के संकल्प पत्र में जो नए भारत का विज़न है, कांग्रेस के घोषणापत्र में उसका लेशमात्र भी नहीं

कांग्रेस के ज्यादातर वादे मतदाताओं को तात्कालिक तौर पर लुभाने वाले हैं, जबकि भाजपा ने देश को हर तरह से मजबूती देने वाले दूरदर्शितापूर्ण और व्यावहारिक वादे किए हैं। देखना दिलचस्प होगा कि जनता किसके वादों पर कितना यकीन दिखाती है।

घोषणापत्र : भाजपा के वादे हैं व्यावहारिक, कांग्रेस के वादे यथार्थ के धरातल से दूर

चुनावी घोषणापत्र महज वादों का पिटारा नहीं होना चाहिये। इसमें देश के विकास की वैसी तस्वीर पेश की जानी चाहिये, जिसे मूर्त रूप दिया जा सके। बहरहाल, चुनावी रणभूमि में देश की दोनों प्रमुख पार्टियां, भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने घोषणा पत्र को पेश कर दिया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र को संकल्प पत्र का नाम दिया है, जबकि कांग्रेस ने ‘हम निभाएंगे’ लिखा है।   

संकल्प पत्र: लोकलुभावन घोषणाएं नहीं, भावी भारत के विकास का सूझ-बूझ भरा रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद के लिए वोट नहीं माँगते हैं, वह निरंतर और गतिशील भारत के लिए वोट माँगते हैं। सोमवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह, राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज आदि की उपस्थिति में भारतीय जनता पार्टी का संकल्प पत्र जारी किया गया तो उन्होंने भारत को दुनिया की पंक्ति में सबसे आगे देखने की बात की।

‘सबका साथ-सबका विकास’ के एजेंडे को प्रतिबिंबित करता भाजपा का संकल्प-पत्र

उत्तर प्रदेश सूबे के चुनावी समर में प्रवेश के साथ भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प-पत्र में सामाजिक समरसता और सूबे के पिछड़ेपन पर वार करने का एजेंडा जारी किया है, जो अन्य राजनीतिक दलों से अलग रूपरेखा में प्रस्तुत किया गया है। इसके साथ मुस्लिम महिलाओं की बद्तर स्थिति में सुधारात्मक दृष्टि से प्रयास करने