सुप्रीम कोर्ट

रामजन्मभूमि से प्राप्त हो रहे ऐतिहासिक अवशेषों पर छद्म-धर्मनिरपेक्षों को सांप सूंघ गया है

बार-बार प्रमाण प्रस्तुत करने के बावजूद ऐसे लोगों ने राम मंदिर के अस्तित्व को अस्वीकार करने में कोई कोर कसर बाक़ी नहीं रखी। जो अयोध्या राममय है, जिसके पग-पग परa श्रीराम के चरणों की मधुर चाप सुनाई पड़ती है, वहाँ वे बाबर की निशानदेही तलाशते रहे।

राफेल पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय राहुल ही नहीं, एक पूरे गिरोह के मुंह पर तमाचा है!

राहुल के साथ-साथ वामपंथी गिरोह के कुछ पत्रकारों और तथाकथित बुद्धिजीवियों ने भी राहुल द्वारा झूठ की बुनियाद पर उठाए गए इस मामले में तरह-तरह के दुष्प्रचारों को हवा देने का काम किया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अब एकबार पुनः उन सभी के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने राफेल को लेकर राहुल गांधी को डांट पिलाई थी

राम जन्मभूमि फैसला : सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने वाला समाधान

9 नवंबर, 2019 की तारीख भारतीय इतिहास में सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने वाले एक ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज हो चुकी है। इस दिन एक तरफ माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने लम्बे समय से चले आ रहे रामजन्मभूमि विवाद पर निर्णय देकर उसका समाधान किया तो वहीं दूसरी तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच सिख समुदाय की आस्था से जुड़े करतारपुर कॉरिडोर की शुरुआत हुई।  

कई अर्थों में ऐतिहासिक साबित हुई नौ नवम्बर की तारीख

देश के बहुचर्चित रामजन्‍मभूमि  मामले में सुप्रीम कोर्ट का बहुप्रतीक्षित फैसला आ चुका है। यह निर्णय वास्‍तव में राष्‍ट्र के हित में आया है, राष्‍ट्र की एकता व अखंडता, सामाजिक सौहार्द्र के पक्ष में आया है। कानूनी निष्‍कर्ष की बात करें तो विवादित भूमि रामलला को दिए जाने और मस्जिद के लिए मुस्लिम पक्षकार सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड को पृथक से निर्माण के लिए 5 एकड़ भूमि दिए

‘अदालत के फैसले ने बता दिया कि अब इतिहास से आगे बढ़ भविष्य के निर्माण का समय है’

भगवान श्रीराम देश के अधिसंख्य लोगों के दिलों में वास करते हैं, इसके लिए किसी प्रमाण की ज़रुरत नहीं थी, लेकिन प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या ही है, इस बात को प्रमाणित करने में 70 साल लग गए। इस फैसले की सबसे खूबसूरत बात यह रही कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के नेतृत्व में बने बेंच में सभी पांच जजों ने सर्व सम्मति से फैसला लिया। सुप्रीम कोर्ट में लंबी कानूनी

अयोध्या प्रकरण : विवाद के समाधान के साथ सामाजिक सद्भाव का मार्ग प्रशस्त करने वाला निर्णय

अयोध्या में श्रीराम जन्म स्थान के प्रति करोड़ों हिंदुओं की आस्था रही है। इसके अलावा यहां मंदिर होने के पुरातात्विक प्रमाण भी उपलब्ध हैं। यह सराहनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी का संज्ञान लिया। इसके बाद निर्णय दिया कि जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण किया जा सकेगा। 

चिदंबरम का क़ानून के शिकंजे में होना भारतीय लोकतंत्र की ताकत को ही दिखाता है!

कहते हैं कि समय बड़ा बलवान होता है। इस कहावत को वैसे तो कई बार साकार होते देखा गया है लेकिन देश की राजनीति में यह कहावत अब नए संदर्भों के साथ फिर सिद्ध हुई है। एक ओहदे के नाते कभी सीबीआई के बॉस रहे चिदंबरम अब सीबीआई की हिरासत में हैं।

तीन तलाक निषेध कानून : मुस्लिम महिलाओं के हितों व अधिकारों की रक्षा की दिशा में बड़ा कदम

मंगलवार का दिन देश की मुस्लिम महिलाओं के लिए अत्यंत मंगलकारी रहा। इस दिन तीन तलाक बिल पर मोदी सरकार को बड़ी सफलता मिली। लोकसभा के बाद अब यह बिल राज्‍यसभा से भी पारित हो गया है। अब यह कानून की शक्‍ल ले लेगा जिसके तहत तीन तलाक देने वाले पुरुष पर आपराधिक मुकदमा चलाया जा सकेगा।

‘चौकीदार चोर है’ का नारा उछालने के कारण अब बुरे फँसे राहुल गांधी

कोर्ट ने राहुल गांधी को लताड़ लगाते हुए सफाई मांगी और पूछा कि अदालत ने प्रधानमंत्री के खिलाफ ‘चौकीदार चोर’ जैसे शब्‍दों का प्रयोग कब किया है? इसकी सुनवाई स्‍वयं मुख्‍य न्‍यायाधीश रंजन गोगोई की बेंच ने की और कहा कि कोर्ट ने ऐसी टिप्‍पणी नहीं की है। राहुल ने कोर्ट के वक्‍तव्‍य को तोड़-मरोड़कर पेश किया है। कोर्ट ने राहुल को 22 अप्रैल तक जवाब पेश करने की मोहलत दी है और मीनाक्षी लेखी की याचिका पर 23 अप्रैल को सुनवाई होनी है।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के बाद भी सुधरने को तैयार नहीं दिख रही आप !

दिल्ली पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को आम आदमी पार्टी अपनी जीत बता रही है। वास्तविकता यह है कि जब तक अरविंद केजरीवाल दिल्ली की संवैधानिक स्थिति को स्वीकार नहीं करेंगे, वह विवाद को ही आमंत्रण देते रहेंगे। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के तत्काल बाद उनकी सरकार ट्रांसफर विवाद लेकर सामने आ गयी। ये दिखाता है कि इन्हें काम करना ही नहीं है।