स्किल इंडिया

59 मिनट लोन योजना: छोटे उद्यमियों को मजबूती देने की दिशा में सरकार की बड़ी पहल

किसी भी उद्योग को स्‍थापित करने, संचालित करने के लिए विशाल पूंजी की आवश्‍यक्‍ता होती है। यह पूंजी जुटाने के लिए कारोबारी हमेशा जद्दोजहद में रहते हैं। सक्षम निवेशक तो यह पूँजी जुटा लेते हैं, लेकिन नए या साझेदारी में निवेश करने वालों के सामने कर्ज लेने का ही विकल्‍प होता है जिसकी प्रक्रियात्मक जटिलताएं उद्यमियों को हतोत्साहित कर देती हैं।

रोजगार सृजन की दिशा में प्रभावी सिद्ध हो रही मुद्रा योजना

देश में अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन को लेकर बहस गर्मायी हुई है। विपक्ष अलग-अलग दावों से प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठा रहा है और यह दिखाना चाह रहा है कि प्रधानमंत्री ने लोगों की उम्मीदों को तोड़ा है। मगर, जमीनी हकीकत इससे कोसों दूर है। आर्थिक नीतियों में न केवल मोदी सरकार ने बेहद ठोस और अनुशासित कदम उठाये हैं, बल्कि देश की सम्पूर्ण अर्थनीति में एक सकारात्मक

युवाओं के कौशल से भारत बनेगा दुनिया की आर्थिक महाशक्ति

किसी भी राष्ट्र में संसाधनों का जितना वैविध्य व आधिक्य होगा, वह राष्ट्र उतना ही समृद्ध होगा। बात जब संसाधनों की हो तो प्रायः भौगोलिक संसाधनों की ओर तेजी से रूख किआ जाता है परन्तु यह सर्वविदित है कि मानव संसाधन का अलग औचित्य व महत्ता है। मानव संसाधन किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सरकार की कौशल विकास नीतियों से कुशलता की ओर अग्रसर भारत

भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने वक्तव्यों में जिस बात की सर्वाधिक चर्चा की जाती रही है, वो यह है कि भारत का सर्वाधिक युवा आबादी संपन्न देश होना उसकी सबसे बड़ी ताकत है। मोदी की इस बात को वैश्विक मान्यता तब मिली जब संयुक्त राष्ट्र ने साल २०१४ नवम्बर में ‘१.८ अरब लोगों की ताकत’ नाम से वैश्विक आबादी पर जारी अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है।

सरकार की कौशल विकास नीतियों से ख़त्म हो रहा बेरोजगारी का संकट

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) को लागू किये 31 मार्च 2016 को दो वर्ष पूरा हो गया। एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद शुरू की गई नयी नीतियों में यह एक महत्वपूर्ण नीति है। देश में युवाओं के कौशल विकास के लिए यह नीति तैयार की गई है ताकि पूरे देश में सभी तरह के कौशल प्रशिक्षण के प्रयासों में निरंतरता, सामंजस्य और समन्वय स्थापित किया जा सके। इस नीति के लागू करने का