स्मृति ईरानी

राहुल गांधी का ‘रेप इन इंडिया’ बयान कांग्रेस की वैचारिक पतनशीलता का ही सूचक है

गलती से गलत बात बोल देना भी उतना गलत नहीं होता, जितना कि गलत बात को न्‍यायोचित ठहराते हुए गलती पर अड़े रहना। राहुल गांधी इस दूसरी वाली अवस्‍था में हैं। जनाधार के साथ ही इस पार्टी की वैचारिकता और भाषाई संस्कार भी खो गए हैं। इसमें कोई शक नहीं है कि उन्‍होंने ‘रेप इन इंडिया’ के रूप में एक सतही और ओछी बात कही है,

‘राहुल का वायनाड जाना बताता है कि स्मृति ईरानी ने चुनाव से पूर्व ही आधी लड़ाई जीत ली है’

अमेठी एक तरह से ऐसा माना जाता रहा है कि कोई आए, जीतेगी कांग्रेस ही, किन्तु इस मिथक को स्मृति ईरानी ने पिछले लोकसभा चुनाव में कड़ी टक्कर देकर तोड़ दिया। इसके बाद ऐसा शायद पहली बार देखने को मिला कि एक पराजित प्रत्याशी अपने हारे हुए संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए न केवल चिंतित है