स्वास्थ्य

गरीबी की जड़ पर चोट करने में कामयाब रही मोदी सरकार

2014 में प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी गरीबी निवारण योजनाओं के साथ-साथ गरीबी पैदा करने वाले कारणों को दूर करने में जी जान से जुट गए। प्रधानमंत्री ने उन व्‍यवस्‍थागत खामियों का दूर किया जिनके चलते योजनाएं अपने लक्ष्‍य को हासिल नहीं कर पाती थीं।

कोरोना संकट : ‘आज घर में रहना ही राष्ट्र सेवा और सावधानी ही दवा है’

आज 21वी सदी का अबतक का सबसे बड़ा संकट कोरोनावायरस – कोविड -19 हमारे सामने है। अपने आप को महाशक्ति कहने और कहलवाने वाले देशों ने भी अपने घुटने टेक दिए हैं। चीन के वुहान से निकला यह वायरस अब दुनिया भर को अपने चपेट में ले चुका है। अगर शुरू में ही चीन सच्चाई से नहीं भागता और सूचनाएं ना छुपाता तो शायद दुनिया आज इस वैश्विक

तीन सालों में स्वास्थ्य और क़ानून व्यवस्था दुरुस्त करने में कामयाब रही योगी सरकार

सरकार का गठन होने के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों के कर्ज को अपने वायदे के अनुसार माफ़ किया। एंटी रोमियो स्क्वायड के जरिये महिलाओं की सुरक्षा की दिशा में कदम बढ़ाया, वहीं अवैध बूचड़खानों को भी बंद कराया। ये सारे काम एक साथ ऐसे त्वरित गति से होने लगे कि लोगों की उम्मीद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बढ़ गई

गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा कर रहे मोदी

महात्मा गांधी का कहना था कि राजनीतिक स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है स्वच्छता। स्वच्छता को सुनिश्चित करके ही हम स्वस्थ रह सकते हैं और एक सशक्त देश का निर्माण करने में समर्थ हो सकते हैं। स्वच्छता से ग्रामीण भारत को भी मजबूत बनाया जा सकता है। नदियों एवं पर्यावरण को स्वच्छ बनाकर हम नई पीढ़ी को जीवनदान दे सकते हैं।

मोदी की नीतियों से बदल रही स्वास्थ्य क्षेत्र की तस्वीर

2014 में प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी ने देश का स्‍वास्‍थ्‍य ढांचा सुधारने का बीड़ा उठाया। गौरतलब है कि देश में डॉक्‍टरों की भारी कमी है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की रिपोर्ट के अनुसार देश में इस समय 1953 लोगों पर एक डॉक्‍टर है जबकि 1000 लोगों पर एक डॉक्‍टर होना चाहिए। मोदी सरकार ने 2027 तक देश में 1000 लोगों पर एक डॉक्‍टर उपलब्‍ध

आयुष्मान भारत को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने की कवायदों में जुटी सरकार

आयुष्मान भारत योजना के आगाज के बाद से ही शहरी इलाकों में लाभार्थियों की पहचान में मुश्किलें आ रही थीं, जिसके कारण इस योजना का लाभ अपेक्षित संख्या में लोग नहीं ले पा रहे थे। अस्तु, योजना के आगाज के बाद से ही लाभान्वितों की संख्या बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जा रहा था। इसी संदर्भ में सरकार के नुमाइंदों ने एमेजॉन, फ्लिपकार्ट, स्विगी और जोमैटो सहित 21 निजी कंपनियों के साथ करार करने का प्रस्ताव किया है

स्‍वस्‍थ भारत के निर्माण की दिशा में तेजी से बढ़ रही मोदी सरकार

गरीबी पैदा करने वाले कारणों में महंगा इलाज पहले स्‍थान पर है। खुद सरकारी आंकड़े बताते हैं कि देश में हर साल साढ़े छह करोड़ लोग महंगे इलाज के कारण गरीबी के बाड़े में धकेल दिए जाते हैं। इसी को देखते हुए प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी ने भ्रष्‍टाचार दूर करने के साथ–साथ गरीबी मिटाने के दीर्घकालिक उपायों पर भी काम करना शुरू किया।