आम्बेडकर

बाबा साहेब के नाम में सुधार का विरोध करने वालों को केवल अपनी राजनीति की चिंता !

डॉ. आंबेडकर अपने नाम के साथ पिता के नाम को देखकर भावविह्वल होते होंगे। मगर, बिडंबना देखिये उनके नाम पर सियासत करने वालों को इस पर भी आपत्ति है। वह उनके नाम में उतने शब्द ही देखना चाहते हैं, जितने उनकी सियासत में फिट बैठते हैं। जिन्हें उनके नाम के कुछ शब्दों पर कठिनाई है, वह उनका पूरा सम्मान कभी नहीं कर सकते। इसका जवाब तलाशना होगा कि उनके पूरे नाम को किसकी इच्छा से