ब्रिक्स

कई संदर्भों में महत्वपूर्ण रही प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा

बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्राजील यात्रा कई सन्दर्भो में महत्वपूर्ण रही। यहां वह ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल हुए। इसके संयुक्त घोषणापत्र में नरेंद्र मोदी के ही प्रस्तावों को वरीयता मिली। इसके ब्रिक्स सदस्य देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। जिसमें आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के नेताओं के साथ आदि की वार्ता बहुत

भारत के नाम रहा इस वर्ष का जी-20 शिखर सम्मेलन!

जी-20 विश्व का प्रायः सर्वाधिक मजबूत वैश्विक संगठन माना जाता है। वैश्विक मामलों में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसमें भी पांच छह देश अधिक शक्तिशाली हैं। इसी के अनुरूप सम्मेलनों में इन्हें स्थान मिलता था। भारत विकसित देशों में शामिल नहीं है। फिर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे सम्मेलनों में भारत की गरिमा को बढ़ाया है। इस बार सम्मेलन में भारत के महत्व को इसी

ये ब्रिक्स सम्मेलन दिखाता है कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर बढ़ा है भारत का दबदबा !

ब्रिक्स सम्मेलन इस बार चीन के शियामन में 3 से 5 सितम्बर तक हुआ। इस समूह के पांचो सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति में भारत ने जिस तरह आतंकवाद के मुद्दे को उठाया, वो अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सम्मेलन को ऐतिहासिक बनाते हुए पहली बार आतंकवादी संगठनो के नाम जारी किये गए। भारत ने पाक-पोषित आतंकी संगठनो के नामों पर जोर डालते हुए घोषणापत्र में कुल 18 बार आतंकवाद का ज़िक्र किया।

रूस और अमेरिका दोनों को साथ-साथ लेकर बढ़ती भारतीय विदेश नीति

भारतीय विदेश नीति के समक्ष लम्बे समय से यह एक यक्ष-प्रश्न बना हुआ था कि रूस और अमेरिका में से भारत किसके साथ बढ़े। ये दोनों देश महाशक्ति और दोनों से संबंधों का बेहतर होना आवश्यक लेकिन इनकी आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण एक से नजदीकी रखने पर दूसरे के दूर होने का संकट संभावना भी प्रबल हो जाती थी। लेकिन, मोदी सरकार ने अपनी सूझबूझ और दूरदर्शिता से पूरें विदेशनीति के जरिये इन

मोदी सरकार की शानदार कूटनीति का उदाहरण है ब्रिक्स और बिम्सटेक देशों का साझा सम्मेलन

विगत दिनों गोवा में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में जिस तरीके से भारत ने पाक को अलग-थलग करने की अपनी कूटनीति का प्रदर्शन किया, वो बेहद शानदार और दूरगामी प्रभाव वाला कदम माना जा सकता है। पिछली सरकारों ने भी पाकिस्तान को वैश्विक रूप से अलग-थलग करने के लिए प्रयास किए थे, लेकिन वे प्रयास न के बराबर ही सफल रहे। लेकिन, मोदी सरकार की पाक को वैश्विक तौर पर अलग-थलग करने की

ब्रिक्स सम्मेलन में भी बजा भारतीय विदेश नीति का डंका, अलग-थलग पड़ा पाक

इस बार गोवा में संपन्न दो दिवसीय 8 वां ब्रिक्स सम्मेलन काफी शानदार रहा। पीएम मोदी ने सम्मेलन के दौरान विश्व की बड़ी शक्तियों के समक्ष पाक प्रायोजित आतंकवाद का मुद्दा रखा। उन्होंने हमारे नापाक पड़ोसी देश की आतंकवादियों की डिलीवरी पर ब्रिक्स के सभी सदस्य देशों को रूबरू करवाया। सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति ब्लामिदीर पुतीन, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति जैक्ब

ब्रिक्स के मंच से भी पाक को अलग-थलग करने की नीति को आगे बढ़ाएगा भारत

भारत के तटीय राज्य गोवा में आगामी 15 और 16 अक्टूबर को भारत की मेजबानी और अध्यक्षता में आठवीं ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। ऐसे समय में, जब समूचा विश्व आतंकवाद, राजनीतिक संकट, सुरक्षा चिंता और आर्थिक मंदी जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है, वैसे में ब्रिक्स जैसे वैश्विक संगठनो का महत्व अपने आप बढ़ जाता है। भारत इस शिखर सम्मेलन में आतंकवाद का मुद्दा जोर-शोर