मुफ्त

वादे निभाने में नाकाम रहने के बाद अब मुफ्तखोरी की राजनीति पर उतरे केजरीवाल

मुफ्तखोरी की राजनीति का आगाज मुफ्त बिजली से हुआ था और इसने राज्‍य विद्युत बोर्डों को खस्‍ताहाल कर डाला। गठबंधन राजनीति के दौर में भारतीय रेलवे की भी कमोबेश यही दशा हुई। अब दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्‍ली मेट्रो व बसों में मुफ्त यात्रा का प्रस्‍ताव देकर वोट बैंक की राजनीति को एक नया आयाम देने में जुट गए हैं।